नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) सरकार ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री की अध्यक्षता वाले व्यापार बोर्ड (बीओटी) में 29 गैर-सरकारी सदस्यों को मनोनीत किया है। इनमें एसबीआई के चेयरमैन सीएस शेट्टी, एप्पल इंडिया के प्रबंध निदेशक (एमडी) विराट भाटिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा के एमडी अनीश शाह शामिल हैं।
राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित इस बोर्ड के सदस्य विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं।
वाणिज्य मंत्रालय की मंगलवार को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, 2019 में सरकार ने निर्यात और आयात को बढ़ावा देने के लिए सभी पक्षों के साथ परामर्श प्रक्रिया में अधिक सामंजस्य लाने के लिए व्यापार विकास एवं संवर्धन परिषद का व्यापार बोर्ड में विलय कर दिया था।
नए गैर-सरकारी सदस्यों में आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की अध्यक्ष सुनीता रामनाथकर, अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ के अध्यक्ष सतीश गोयल, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रमपति सिंघानिया, सोरिन इन्वेस्टमेंट्स के संस्थापक संजय नैयर, एक्सेल के भागीदार प्रशांत प्रकाश, डावर ग्रुप के चेयरमैन एवं संस्थापक पूरन डावर, ऑलकार्गो ग्रुप के संस्थापक और कार्यकारी चेयरमैन शशि किरण शामिल हैं।
अन्य सदस्यों में कॉन्टिनेंटल कैरियर्स के समूह प्रबंध निदेशक वैभव वोहरा, आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील के सीईओ दिलीप ओम्मन, सोमानी इम्प्रेसा ग्रुप के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संदीप सोमानी, सियाम के अध्यक्ष और टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक और सीईओ शैलेश चंद्रा शामिल हैं।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में बताया कि इसमें इन-स्पेस के चेयरमैन पवन गोयनका, ईवाई इंडिया के चेयरमैन और सीईओ राजीव मेमानी और यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की प्रबंध निदेशक उपासना अरोड़ा भी शामिल हैं।
ये उद्योगपति जिला निर्यात केंद्र कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में सूत्रधार के रूप में कार्य करेंगे। इन कार्यक्रमों में जागरूकता कार्यशालाएं, चिन्हित उत्पादों की पहचान और प्रचार शामिल हैं। वे राज्य सरकारों को राष्ट्रीय विदेश व्यापार नीति के अनुरूप निर्यात रणनीतियों को विकसित करने और आगे बढ़ाने में सहायता करेंगे।
वे निर्यात बढ़ाने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं की तैयारी और कार्यान्वयन को नीतिगत उपायों पर सरकार को सलाह भी देंगे, विभिन्न क्षेत्रों के निर्यात प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे, बाधाओं की पहचान करेंगे और निर्यात आय को अधिकतम करने के लिए उद्योग-विशिष्ट उपायों का सुझाव देंगे।
भाषा रमण अजय
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