मुंबई, दो जून (भाषा) मुंबई की एक अदालत ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) की पूर्व कार्यकारी चेयरपर्सन रश्मि सलूजा और चार अन्य लोगों को कर्मचारी शेयर विकल्प योजना (इसॉप) से जुड़े धन शोधन के मामले के संबंध में मंगलवार को समन जारी किया।
विशेष अदालत ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के मामलों के लिए सलूजा के अलावा, आरईएल के पूर्व अध्यक्ष निशांत सिंघल, समूह के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी नितिन अग्रवाल और दो अन्य लोगों को नोटिस तथा समन जारी किया।
अदालत ने सभी आरोपियों को 11 जून को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
विशेष न्यायाधीश आर. बी. रोटे ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रकृति के प्रतीत होते हैं।
अदालत ने कहा, ‘‘आर्थिक अपराधों से सार्वजनिक धन को भारी नुकसान होता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे अपराध देश की वित्तीय स्थिरता और आर्थिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।’’
ईडी का मामला आरोपी के खिलाफ 2024 में कथित आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप में दर्ज पुलिस शिकायत पर आधारित है।
आरोपियों ने दिल्ली स्थित बर्मन परिवार के सदस्यों के खिलाफ फर्जी प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए एक व्यक्ति को कथित तौर पर रिश्वत दी, ताकि उन्हें कंपनी पर नियंत्रण हासिल करने से रोका जा सके।
बर्मन परिवार के ये सदस्य आरईएल के शेयरधारक हैं।
ईडी ने कहा कि इस साजिश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आरोपी को एकमात्र नियंत्रण और अवैध इसॉप सहित विभिन्न वित्तीय लाभ मिलते रहें।
भाषा यासिर अजय
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