ताप विद्युत संयंत्रों में 5.5 करोड़ टन कोयले का स्टॉक, 24 दिनों के लिए पर्याप्तः सरकार
ताप विद्युत संयंत्रों में 5.5 करोड़ टन कोयले का स्टॉक, 24 दिनों के लिए पर्याप्तः सरकार
नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) कोयला मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि सात अप्रैल तक ताप विद्युत संयंत्र में लगभग 5.5 करोड़ टन कोयले का स्टॉक था जो 24 दिनों तक निर्बाध बिजली उत्पादन के लिए पर्याप्त है।
कोयला मंत्रालय में संयुक्त सचिव संजीव कुमार कस्सी ने जोर देकर कहा कि कोयला स्टॉक का स्तर बिजली बनाने के मामले में ‘बिल्कुल कोई कमी नहीं’ दिखाता है जिससे गर्मियों में बढ़ती मांग के बीच संभावित कमी की चिंताओं को दूर किया जा सके।
कस्सी ने पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में कहा, ‘‘मंगलवार तक बिजली संयंत्र में लगभग 5.5 करोड़ टन कोयले का स्टॉक था, जो पिछले सात दिनों की औसत खपत के आधार पर 24 दिनों तक निर्बाध बिजली उत्पादन के लिए काफी है। इसलिए बिजली बनाने के मामले में हमारे पास कोई कमी नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि घरेलू कोयला उत्पादन खपत के स्तर से मेल खा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को लगता है कि कोयला सिर्फ 24 दिन के लिए है लेकिन ऐसा नहीं है। यह लगभग 24 दिन तभी चलेगा, जब कोयले की आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो जाए।’’
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘देश में खदानों, बिजली संयंत्र, बंदरगाह और परिवहन में हमारे पास काफ़ी कोयला स्टॉक मौजूद है और इसे बहुत कम समय में उपभोक्ता को दिया जा सकता है। इसके परिवहन में हमारी मदद के लिए भारतीय रेल हमारे साथ है।’’
उन्होंने कहा कि बिजली संयंत्र में स्टॉक के अलावा, कोल इंडिया की खदानों, निजी खदानों और सिंगरेनी कोलियरीज़ कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) की खदानों में भी भंडार हैं, जो कुल मिलाकर लगभग 17 करोड़ टन होता है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह कुल मिलाकर, हमारे पास देश में लगभग 22 करोड़ टन कोयला मौजूद है।’’
उन्होंने कहा कि कोयला कंपनियों को राज्य सरकारों को ज़्यादा कोयला देने और ई-नीलामी में कोयले की मात्रा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सभी को आराम मिले और बिना रुकावट आपूर्ति श्रृंखला बनी रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे छोटे, मध्यम और दूसरे उपभोक्ताओं के लिए कोयले की आपूर्ति का एक बेहतर तरीका बन गया है।’’ उन्होंने कहा कि कोयले के ई-नीलामी की आवृति भी बढ़ा दी गई है।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
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