भारत में 71 प्रतिशत नियोक्ता छिपी हुई प्रतिभा को खोजने के लिए ले रहे हैं एआई का सहारा: रिपोर्ट

भारत में 71 प्रतिशत नियोक्ता छिपी हुई प्रतिभा को खोजने के लिए ले रहे हैं एआई का सहारा: रिपोर्ट

भारत में 71 प्रतिशत नियोक्ता छिपी हुई प्रतिभा को खोजने के लिए ले रहे हैं एआई का सहारा: रिपोर्ट
Modified Date: February 3, 2026 / 10:27 pm IST
Published Date: February 3, 2026 10:27 pm IST

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) भारत में नियुक्ति प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण होती जा रही है, ऐसे में कंपनियां तेजी से कृत्रिम मेधा (एआई) का सहारा ले रही हैं।

पेशेवर नेटवर्किंग मंच लिंक्डइन की रिपोर्ट के अनुसार, 71 प्रतिशत नियोक्ताओं ने कहा कि एआई ने उन्हें सही कौशल वाले उम्मीदवार या छिपी हुई प्रतिभा खोजने में मदद की है।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 80 प्रतिशत नियोक्ताओं के अनुसार एआई से उम्मीदवारों के कौशल को समझना आसान हुआ है, जबकि 76 प्रतिशत मानते हैं कि एआई भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में मदद कर रहा है।

लिंक्डइन की यह रिपोर्ट नवंबर 2025 में 19,113 भारतीय उपभोक्ताओं और 6,554 वैश्विक एचआर (मानव संसाधन) पेशेवरों के बीच किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है।

रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में भर्ती बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन योग्य उम्मीदवार खोजने में 74 प्रतिशत नियोक्ता कठिनाई का सामना कर रहे हैं, जबकि नियुक्ति गतिविधि महामारी से पहले के स्तर से 40 प्रतिशत अधिक है।

नियोक्ता भर्ती में एआई-जनित आवेदनों (53 प्रतिशत) और मांग वाले कौशल की कमी (47 प्रतिशत) को चुनौतियों के रूप में बता रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक इसके अलावा, 48 प्रतिशत नियोक्ता कहते हैं कि वास्तविक और कम गुणवत्ता वाले या भ्रामक आवेदन अलग करने में समय लगता है।

रिपोर्ट में कहा गया कि भविष्य में एआई का इस्तेमाल और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि 80 प्रतिशत भारतीय नियोक्ता इसे भर्ती लक्ष्यों, उम्मीदवार मूल्यांकन और शीर्ष प्रतिभाओं को खोजने के लिए बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।

भाषा योगेश रमण

रमण

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