उत्तर प्रदेश में 75,000 एकड़ भूमि बैंक, अनुकूल नीतियों का लाभ उठायें निवेशक: आदित्यनाथ

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उत्तर प्रदेश में 75,000 एकड़ भूमि बैंक, अनुकूल नीतियों का लाभ उठायें निवेशक: आदित्यनाथ

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  • Publish Date - June 27, 2026 / 04:07 PM IST,
    Updated On - June 27, 2026 / 04:07 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नोएडा, 27 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देश-विदेश के निवेशकों को राज्य में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 75,000 एकड़ का भूमि बैंक, विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग नीतियां, समय पर प्रोत्साहन और एक ही जगह सभी प्रकार की मंजूरी की व्यवस्था जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।

आदित्यनाथ ने गौतम बुद्ध नगर के जेवर इलाके में अम्बर और एसेंट-के सर्किट्स के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण संयंत्र की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में कहा कि हाल के वर्षों में राज्य में बड़ा बदलाव आया है, जिससे यह निवेश के लिए एक आकर्षक जगह बन गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जेवर इलाका कभी अपनी पहचान के संकट से जूझ रहा था। लेकिन अब पूरी तरह बदल गया है। कानून-व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है और आज उत्तर प्रदेश 75,000 एकड़ के भूमि बैंक के साथ देश-दुनिया के निवेशकों का स्वागत कर रहा है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने 36 अलग-अलग क्षेत्र के लिए नीतियां बनाई हैं, जिससे निवेशकों को सही क्षेत्र चुनने में मदद मिलती है और उन्हें सरकार का सहयोग भी मिलता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास हर क्षेत्र के लिए नीतियां हैं। निवेशक आकर निवेश कर सकते हैं, सरकार समय पर प्रोत्साहन देती है और ‘सिंगल-विंडो क्लीयरेंस’ की सुविधा भी उपलब्ध है। कोई भी निवेशक बिना किसी मानवीय दखल के परियोजना शुरू कर सकता है और विकास की गति को तेज करने में योगदान दे सकता है।’’

आदित्यनाथ ने कहा कि अम्बर ग्रुप और दक्षिण कोरिया की एसेंट-के सर्किट्स (निजी भारत-कोरियाई संयुक्त उद्यम) द्वारा 6,045 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश रोजगार सृजित करने के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण परिवेश में और इकाइयां लगाने को बढ़ावा देगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र बनाने के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। साथ ही उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने समय पर मंजूरी देकर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग किया।

कार्यक्रम में दोनों केंद्रीय मंत्रियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास और निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘हमारा उद्देश्य यह है कि जिन उत्पादों को हम आज आयात करते हैं, वे भारत में बनें और दुनिया भर में निर्यात किए जाएं। भारत को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए एक वैश्विक केंद्र के तौर पर उभरना है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहले ही देश का एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) केंद्र बन चुका है, जहां 96 लाख से अधिक पंजीकृत एमएसएमई उद्यम हैं।

उन्होंने कहा कि यह राज्य भारत का मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र भी बन गया है। देश के लगभग 55 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55-60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में बनाए जाते हैं।

आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण 2047 तक भारत को एक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर देश बनाना है। इस लक्ष्य की ओर यात्रा उत्तर प्रदेश में, खासकर गौतम बुद्ध नगर में, पहले ही शुरू हो चुकी है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए नागरिकों की भागीदारी और नागरिक जिम्मेदारियों को पूरा करना जरूरी होगा।

भाषा रमण योगेश

रमण