लंदन/भारत: Adani Green Energyअडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अडानी (Sagar Adani) ने आज एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए तेज़ी से इलेक्ट्रिफिकेशन (बिजलीकरण) की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि भरोसेमंद, किफायती और चौबीसों घंटे साफ-सुथरी बिजली देने के लिए स्टोरेज के साथ जुड़ी रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) बहुत ज़रूरी होगी।
लंदन के साइंस म्यूजियम में ‘लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक’ के दौरान आयोजित पहले ‘अडानी ग्रीन एनर्जी डायलॉग’ में बोल रहे थे। इस बातचीत में पॉलिसी बनाने वाले, निवेशक, बिज़नेस लीडर और क्लाइमेट एक्सपर्ट्स एक साथ आए ताकि साफ-सुथरी ऊर्जा की ओर बदलाव को तेज़ करने के लिए ज़रूरी पॉलिसी, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा की जा सके।
सभा को संबोधित करते हुए अडानी ने कहा, “एनर्जी सिक्योरिटी, किफायती दाम और सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) हमारे समय की अहम चुनौतियां हैं। इन तीनों से निपटने के लिए इलेक्ट्रिफिकेशन सबसे असरदार तरीकों में से एक के तौर पर उभर रहा है। जो देश मज़बूत विकास और ज़्यादा एनर्जी इंडिपेंडेंस (ऊर्जा स्वतंत्रता) चाहते हैं, उनके लिए इलेक्ट्रिफिकेशन को तेज़ करना अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक ज़रूरत है।”
Adani Green Energy उन्होंने आगे कहा: “रिन्यूएबल एनर्जी अपनी पूरी क्षमता तक तब पहुँचती है जब इसे बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (PSPs) जैसी स्टोरेज टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा जाता है। ये साफ-सुथरी बिजली को भरोसेमंद, किफायती और चौबीसों घंटे उपलब्ध बनाते हैं। अडानी ग्रीन में, हम इस विज़न को हकीकत बना रहे हैं क्योंकि हम 2030 तक 50 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता की ओर बढ़ रहे हैं। इसकी अगुवाई गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट कर रहा है, जहाँ साफ-सुथरी ऊर्जा को बड़े पैमाने पर स्टोरेज के साथ जोड़ा जा रहा है।”
उन्होंने बताया कि अदाणी ग्रीन 2030 तक 50 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। इसका मुख्य केंद्र गुजरात के खावड़ा में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट है, जहां बड़े पैमाने पर क्लीन पावर जनरेशन के साथ स्टोरेज को भी इंटीग्रेट किया जा रहा है।
Adani Green Energy इस डायलॉग में इलेक्ट्रिफिकेशन को तेज करने और रिन्यूएबल एनर्जी, स्टोरेज सॉल्यूशंस व मॉडर्न इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड में निवेश जुटाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स की वजह से बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में लो-कार्बन पावर सिस्टम की जरूरत होगी। उन्होंने जोर दिया कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए लॉन्ग-टर्म पॉलिसी, निरंतर निवेश और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार बेहद महत्वपूर्ण होगा।
कार्यक्रम के सत्रों की अध्यक्षता एनर्जी ट्रांजिशन कमीशन के को-चेयर लॉर्ड अडायर टर्नर और यूके क्लाइमेट चेंज कमेटी के चेयरमैन निगेल टॉपिंग ने की। इसमें ऑक्टोपस एनर्जी, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, क्लाइमेट बॉन्ड्स इनिशिएटिव, ग्रीन फाइनेंस इंस्टीट्यूट और अदाणी ग्रुप के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। लॉर्ड अडायर टर्नर ने कहा कि जीरो-इमिशन इकोनॉमी बनाने की दिशा में बड़े पैमाने पर क्लीन इलेक्ट्रिफिकेशन सबसे अहम कदम है। वहीं, निगेल टॉपिंग ने इस बात पर जोर दिया कि फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) पर निर्भर सेक्टरों को इलेक्ट्रिफाई करने से बड़े आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ होंगे।
Adani Green Energy अदाणी ग्रुप लगातार रिन्यूएबल पावर, एनर्जी स्टोरेज, ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन हाइड्रोजन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर अपने क्लीन एनर्जी पोर्टफोलियो को बढ़ा रहा है। ग्रुप ने एनर्जी ट्रांजिशन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 100 अरब डॉलर से अधिक के निवेश का संकल्प लिया है, जो वैश्विक स्तर पर निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी प्रतिबद्धताओं में से एक है।
इससे पहले इसी हफ्ते, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने 10 गीगावाट तक की न्यूक्लियर पावर क्षमता विकसित करने की योजना की घोषणा की थी। यह भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी और स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के पूरक के रूप में काम करेगा।
कार्यक्रम का समापन लंदन साइंस म्यूजियम में ‘एनर्जी रिवोल्यूशन: द अदाणी ग्रीन एनर्जी गैलरी’ के दौरे के साथ हुआ। अदाणी ग्रीन एनर्जी के सहयोग से बनी यह इंटरैक्टिव गैलरी उन तकनीकों को प्रदर्शित करती है जो दुनिया को लो-कार्बन एनर्जी की ओर ले जा रही हैं। मार्च 2024 में खुलने के बाद से यहां 10 लाख से ज्यादा विजिटर्स आ चुके हैं।
इस आयोजन ने क्लाइमेट एक्शन में तेजी लाने, पॉलिसी इनोवेशन को बढ़ावा देने और क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन के लिए जरूरी निवेश जुटाने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बढ़ती अहमियत को रेखांकित किया।
अदाणी ग्रुप ने एनर्जी ट्रांजिशन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में 100 अरब डॉलर से अधिक निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।
सागर अडानी ने 2030 के लिए क्या लक्ष्य बताया?
उन्होंने कहा कि अदाणी ग्रीन एनर्जी 2030 तक 50 गीगावाट (GW) रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
खावड़ा प्रोजेक्ट क्यों खास है?
गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा है, जहां क्लीन एनर्जी को बड़े पैमाने पर स्टोरेज टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा जा रहा है।
इलेक्ट्रिफिकेशन पर इतना जोर क्यों दिया जा रहा है?
बढ़ती बिजली मांग, AI, डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वच्छ और भरोसेमंद बिजली आवश्यक मानी जा रही है।
इस कार्यक्रम में किन प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई?
रिन्यूएबल एनर्जी, बैटरी स्टोरेज, आधुनिक ग्रिड, ऊर्जा सुरक्षा, क्लाइमेट एक्शन और क्लीन एनर्जी निवेश पर चर्चा हुई।