(8th Pay Commission Salary Hike/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: 8th Pay Commission Salary Hike: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि इसके लागू होने पर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में अच्छा खासा इजाफा देखने को मिल सकता है। इसमें चपरासी से लेकर स्कूल टीचर तक सभी कर्मचारियों को फायदा मिल सकता है। नए वेतन आयोग से बेसिक सैलरी और भत्तों दोनों में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
वेतन आयोग में सबसे अहम भूमिका फिटमेंट फैक्टर की होती है। इसी के आधार पर नई सैलरी तय की जाती है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 गुना रखा गया था। अब 8वें वेतन आयोग में इसे 1.83 से 2.86 गुना या उससे अधिक किए जाने की संभावना जताई जा रही है। अगर न्यूनतम स्तर पर भी इसे मंजूरी मिलती है तो कर्मचारियों की सैलरी में 20% से 30% तक की सीधी बढ़ोतरी हो सकती है।
लेवल 1 यानी चपरासी और शुरुआती स्तर के कर्मचारियों की वर्तमान बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। अगर 2.28 से 2.57 का फिटमेंट फैक्टर बैठता है तो यह बढ़कर लगभग 41,000 रुपये से 46,000 रुपये तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही महंगाई भत्ता (DA) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी बढ़ेगा। जिससे कुल इन-हैंड सैलरी में और ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
सरकारी स्कूलों के प्राइमरी टीचर (PRT) लेवल 6 के तहत आते हैं। उनकी मौजूदा बेसिक सैलरी 35,400 रुपये है। अनुमान है कि 2.57 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर यह बढ़कर करीब 90,000 रुपये तक जा सकती है। अगर फैक्टर 2.86 हुआ तो यह 1 लाख रुपये से भी अधिक हो सकती है। इससे शिक्षकों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
मिडिल और हाई स्कूल टीचर यानी TGT लेवल 7 के अंतर्गत आते हैं। उनकी वर्तमान बेसिक सैलरी 44,900 रुपये है। यदि 2.28 से 2.57 का फिटमेंट फैक्टर बैठता है तो नए वेतन आयोग के लागू होने पर यह लगभग 1.15 लाख रुपये से 1.28 रुपये लाख तक पहुंच सकती है। यह बढ़ोतरी शिक्षकों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
नए वेतन आयोग के लागू होने पर महंगाई भत्ता (DA) को शून्य से दोबारा शुरू किया जाएगा और इसे बेसिक सैलरी में मिला दिया जाएगा। इसके अलावा हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी नई सैलरी के हिसाब से फिर से तय किया जाएगा। इससे कुल वेतन में और ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
जानकारी के अनुसार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा और रिपोर्ट आने में अभी समय लग सकता है। लागू होने के बाद कर्मचारियों को एरियर के साथ इसका लाभ मिलने की संभावना है। जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक फायदा होगा।