एडीबी गरीबी में कमी लाने, रोजगार सृजन के लिये कर्ज की मात्रा बढ़ाये: सीतारमण

एडीबी गरीबी में कमी लाने, रोजगार सृजन के लिये कर्ज की मात्रा बढ़ाये: सीतारमण

एडीबी गरीबी में कमी लाने, रोजगार सृजन के लिये कर्ज की मात्रा बढ़ाये: सीतारमण
Modified Date: November 29, 2022 / 08:38 pm IST
Published Date: September 18, 2020 4:58 pm IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को एशियाई विकास बैंक (एडीबी) से गरीबी में कमी लाने और रोजगार सृजन के इरादे से कर्ज और निजी क्षेत्र की गतिविधियां बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कोविड-19 के खिलाफ जारी अभियान में सहायता को लेकर एडीबी की सराहना भी की।

एडीबी के संचालन बोर्ड की 53वीं सालाना बैठक को वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये संबोधित करते हुए सीमारमण ने संस्थान को भारत में दक्षिण एशिया उप-क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग (एसएएसईसी) सचिवालय और निजी क्षेत्र में अधिक प्रतिबद्धता के साथ परिचालन गतिविधियों के लिये मुंबई में निजी क्षेत्र परिचालन शाखा कार्यालय स्थापित करने के लिये भी आमंत्रित किया।

वैश्विक स्तर पर विकास की जरूरत और गरीबी के समाधान के दृष्टिकोण से उन्होंने कहा कि एडीबी को कर्ज की मात्रा और आकार बढ़ाना चाहिए। साथ ही रोजगार सृजन समेत विकास को गति देने के लिये निजी क्षेत्र की गतिविधियां बढ़ाना समय की जरूरत है।

सीतारमण ने कहा कि भारत में संप्रभु परिचालन से प्रति वर्ष लगभग 4 अरब अमेरिकी डॉलर प्राप्त करने की क्षमता है और निजी क्षेत्र वित्त पोषण व्यवस्था से सालाना लगभग 1.5 बिलियन अमरीकी डालर लेने की क्षमता है।

वित्त मंत्री ने कहा कि एडीबी की भारत में गतिविधियां बढ़ रही हैं और इसी अनुसार मध्यम और उच्च प्रबंधन और कर्मचारियों के स्तर पर भारतीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए। इससे भारतीय चुनौतियों के दृष्टिकोण को बेहतर तरीके से रखने में मदद मिलेगी।

सीमारमण ने सुझाव दिया कि एडीबी को कर्ज पहुंच का दायरा बढ़ाने के साथ बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के बीच‘रणनीति 2030’ के लक्ष्यों को हासिल करने के लिये पूंजी आधार सुदृढ़ करने की दिशा में काम करने जरूरत है।

वित्त मंत्री ने कहा कि पूंजी आधार मजबूत करने के लिये प्रबंधन विकसित सदस्य देशों और अन्य संभावित दानदाताओं को इसके लिये योगदान देने के लिये प्रेरित कर सकता है।

सीमारमण ने कोविड-19 के खिलाफ अभियान में समय पर मूल्यवान समर्थन देने को लेकर एडीबी की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि कर्ज से भारत सरकार को स्वास्थ्य संबंधी ढांचागत सुविधा को सुदृढ़ करने और अन्य सामाजिक उपायों के लिये सार्वजनिक व्यय बढ़ाने के लिये जरूरी समर्थन मिला।

उल्लेखनीय है कि एडीबी ने चक्रीय समस्या से निपटने की सुविधा के जरिये 1.5 अरब डॉलर और एशिया प्रशांत आपदा राहत कोष से 30 लाख डॉलर की सहायता उपलब्ध करायी। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये क्षेत्रीय तकनकी सहायता भी उपलब्ध करायी।

इस मौके पर उन्होंने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिये भारत की तरफ से उठाये गये कदमों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महामारी के शुरूआती चरण में ही सरकार ने स्वास्थ्य संबंधी ढांचागत सुविधा, संरक्षण और सुरक्षा के उपायों, चिकित्सा आपूर्ति, परीक्षण और संक्रमितों को पृथक रखने की सुविधा तथा स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने के कार्यों के लिये 2 अरब डॉलर आबंटित किये।

भाषा

रमण महाबीर

महाबीर


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