एडीबी 2026-30 रणनीति के तहत पाकिस्तान को देगा 10 अरब डॉलर

एडीबी 2026-30 रणनीति के तहत पाकिस्तान को देगा 10 अरब डॉलर

एडीबी 2026-30 रणनीति के तहत पाकिस्तान को देगा 10 अरब डॉलर
Modified Date: March 19, 2026 / 11:15 am IST
Published Date: March 19, 2026 11:15 am IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, 19 मार्च (भाषा) एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के अगले पांच वर्ष में पाकिस्तान को करीब 10 अरब अमेरिकी डॉलर का वित्तपोषण प्रदान करने का अनुमान है। बृहस्पतिवार को जारी एक खबर में यह जानकारी दी गई।

मनीला स्थित इस ऋणदाता संस्था ने कहा कि यह सुविधा उसकी 2026-30 देश साझेदारी रणनीति (सीपीएस 2026-30) का हिस्सा है जिसे बुधवार को शुरू किया गया।

समाचारपत्र ‘डॉन’ की खबर के अनुसार, बैंक ने कहा कि सीपीएस ‘‘ निजी क्षेत्र-नेतृत्व वाले विकास के माध्यम से देश को टिकाऊ एवं समावेशी वृद्धि की ओर ले जाने के लिए एक खाका प्रस्तुत करता है।’’

इसमें कहा गया, “ पांच वर्षीय रणनीति तीन मार्ग पर केंद्रित होगी। निजी क्षेत्र के विकास को सक्षम बनाना, समावेशन एवं सशक्तिकरण को आगे बढ़ाना और लचीलेपन व स्थिरता को मजबूत करना।’’

इन प्राथमिकताओं को सुशासन एवं संस्थागत सुदृढ़ीकरण, लैंगिक समानता व सामाजिक समावेशन, डिजिटल परिवर्तन और क्षेत्रीय सहयोग एवं एकीकरण जैसे समग्र विषयों से मजबूती मिलेगी।

पाकिस्तान के लिए एडीबी की ‘कंट्री डायरेक्टर’ एम्मा फैन ने कहा, ‘‘ नई सीपीएस पाकिस्तान की संरचनात्मक चुनौतियों का समाधान करने और मजबूत व दीर्घकालिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई है, जिससे पूरे देश, विशेषकर गरीब व कमजोर वर्गों को लाभ होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ यह प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक निवेश तथा सुधारों को बढ़ावा देती है ताकि आर्थिक वृद्धि को गति मिले एवं रोजगार सृजित हो। एडीबी इस महत्वाकांक्षी एजेंडे को लागू करने में पाकिस्तान के सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों का समर्थन करने के लिए तत्पर है।’’

एडीबी ने कहा कि पाकिस्तान का युवा कार्यबल और प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धि आर्थिक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। निजी क्षेत्र-आधारित वृद्धि की ओर निर्णायक बदलाव इस क्षमता को बढ़ा सकते हैं जिससे अर्थव्यवस्था में परिवर्तन होगा एवं निरंतर निर्यात व निवेश-आधारित विस्तार संभव होगा।

टिकाऊ एवं समावेशी वृद्धि की दिशा में बढ़ने के लिए हालांकि पाकिस्तान को कई संरचनात्मक बाधाओं का समाधान करना होगा। इनमें सीमित उत्पादन व निर्यात आधार, बोझिल कारोबारी माहौल और असंतुलित सार्वजनिक वित्त प्रबंधन शामिल हैं।

एडीबी ने कहा कि अपनी क्षमता का पूरा उपयोग करने और अपने लाभों को दीर्घकालिक विकास में बदलने के लिए पाकिस्तान को स्थायी सुधार करने होंगे और उन्हें सुदृढ़ निवेश के साथ जोड़ना होगा।

आर्थिक प्रदर्शन में सुधार का उल्लेख करते हुए एडीबी ने कहा कि उतार-चढ़ाव के दौर के बाद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था स्थिर हो गई है और वृद्धि की राह पर लौट आई है। वित्त वर्ष 2024-25 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 3.1 प्रतिशत बढ़ा, जो वित्त वर्ष 2022-23 के 0.2 प्रतिशत की गिरावट से सुधार है।

औसत मुद्रास्फीति वित्त वर्ष 2023-24 के 23.4 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2024-25 में 4.5 प्रतिशत रह गई और यह स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के पांच से सात प्रतिशत के लक्ष्य से भी नीचे आ गई।

रिपोर्ट के अनुसार, चालू खाता संतुलन वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी के –4.7 प्रतिशत के घाटे से सुधरकर वित्त वर्ष 2024-25 में 0.5 प्रतिशत के अधिशेष में आ गया। ऐसा वित्त वर्ष 2010-11 के बाद पहली बार हुआ है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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