भारत में 10 साल के सफर के बाद अब वैश्विक बाजार पर जियो की नजर
भारत में 10 साल के सफर के बाद अब वैश्विक बाजार पर जियो की नजर
नयी दिल्ली, पांच सितंबर (भाषा) देश में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद डिजिटल सेवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी जियो ने अब संपर्क, डिजिटल उत्पाद, उद्यम समाधान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में भारत में विकसित प्रौद्योगिकी के साथ वैश्विक बाजार पर अपनी नजरें टिका दी हैं। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक और रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने जियो के 10 वर्ष पूरे होने पर कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में कहा कि संगठन ने अभूतपूर्व पैमाने पर ‘डिजिटल इंडिया’ की नींव रखी है, देश के 5जी में बदलाव को गति दी है, घरों और व्यवसायों को जोड़ा है तथा देश के लोगों के लिए प्रौद्योगिकी का विस्तार लगातार जारी रखा है।
अंबानी ने कहा, ”जियो आज एक दूरसंचार कंपनी से कहीं अधिक है। हम संपर्क, डिजिटल उत्पादों, उद्यम समाधान और एआई के क्षेत्र में भारत में ही मौलिक प्रौद्योगिकी का निर्माण कर रहे हैं। हमारे सामने अवसर यह है कि हम बड़े पैमाने पर प्रौद्योगिकी के लाभों को सुलभ बनाना जारी रखें, इन प्रौद्योगिकियों को वैश्विक स्तर पर ले जाएं और दुनिया के लिए प्रौद्योगिकी के निर्माता के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करें।”
जियो ने पांच सितंबर, 2016 को रिलायंस जियो इन्फोकॉम के माध्यम से मोबाइल सेवाओं की वाणिज्यिक शुरुआत की थी। यह देश में पहली बार था जब वॉयस कॉल पूरी तरह मुफ्त की गई थीं।
अंबानी ने कहा, ”दस साल पहले जियो की शुरुआत हमारे चेयरमैन मुकेश अंबानी द्वारा निर्धारित एक साहसिक नजरिये और मकसद के साथ हुई थी- हर भारतीय के लिए उच्च गुणवत्ता वाले डिजिटल संपर्क को किफायती और सुलभ बनाना। दस साल बाद उस दृढ़ विश्वास ने भारत को बदल दिया है, और हम सब मिलकर जहां तक पहुंचे हैं, उसके लिए मुझे गर्व और आभार की गहरी अनुभूति है।”
कंपनी ने 28 दिसंबर, 2015 से कर्मचारियों के साथ रिलायंस जियो नेटवर्क का परीक्षण शुरू किया था, जिसे बाद में रिलायंस इंडस्ट्रीज के कर्मचारियों और उनके मित्रों तक बढ़ाया गया। वाणिज्यिक शुरुआत के बाद भी कंपनी की एक योजना के तहत अगले छह महीनों के लिए सभी ग्राहकों को सेवाएं मुफ्त दी गई थीं।
कंपनी ने वाणिज्यिक शुरुआत के 83 दिनों के भीतर पांच करोड़ ग्राहक और छह महीने से भी कम समय में 10 करोड़ ग्राहक जोड़ने का आंकड़ा पार कर लिया था। पुनर्गठन के तहत रिलायंस जियो, जियो प्लेटफॉर्म्स की सहायक कंपनी बन गई, जिसका गठन नवंबर 2019 में किया गया था। कंपनी के पास 30 जून, 2026 तक 53.33 करोड़ ग्राहक थे।
भाषा पाण्डेय माधव
माधव

Facebook


