नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) गूगल डीपमाइंड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डेमिस हसाबिस ने बृहस्पतिवार को कृत्रिम मेधा (एआई) को वैज्ञानिक खोजों में तेजी लाने का एक बेहतरीन उपकरण और मानव प्रतिभा को कई गुना बढ़ाने वाला प्रौद्योगिकी बताया।
‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में उन्होंने कृत्रिम मेधा को मानव इतिहास की सबसे परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकियों में से एक बताया और इस बात पर जोर दिया कि दुनिया इसके विकास में एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है।
हसाबिस ने कहा, ‘‘ कृत्रिम सामान्य मेधा (एजीआई) के आगमन के साथ, अब इस समय को बहुत सावधानी और सोच-समझकर आगे बढ़ाना होगा और अगर हम ऐसा करते हैं, तो मुझे पूरा विश्वास है कि एक नए महान युग की शुरुआत करेंगे।’’
उन्होंने एजीआई की पूर्ण क्षमताओं को समझने, बेहतर सुरक्षा उपाय और निगरानी प्रणाली बनाने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाने की वकालत की।
हसाबिस ने कहा कि यह दृष्टिकोण मानव कल्याण के लिए प्रौद्योगिकी की पूरी क्षमता को सामने लाने में सहायक होगा। साथ ही उन्होंने विज्ञान और चिकित्सा को आगे बढ़ाने, मानव स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार लाने के नए अवसरों को भुनाने के लिए एक साहसिक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया, जिसकी ‘‘समाज और विश्व को बेहद जरूरत है।’’
उन्होंने ने कहा कि उनका हमेशा से यह दृढ़ विश्वास रहा है कि कृत्रिम मेधा अब तक की सबसे महत्वपूर्ण और लाभकारी प्रौद्योगिकियों में से एक होगी।
हसाबिस ने बताया कि बचपन से ही उन्हें विज्ञान, वास्तविकता की प्रकृति, चेतना की प्रकृति और ब्रह्मांड के गहरे रहस्यों में गहरी रुचि रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि एआई उन सवालों के जवाब खोजने में हमारी मदद कर सकता है, जिन पर हम हजारों वर्षों से विचार करते आ रहे हैं।’’
भाषा निहारिका अजय
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