naxali surrender/ image source: IBC24
पटना: बिहार पुलिस ने दावा किया है कि तीन लाख रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी सुरेश कोड़ा उर्फ मुस्तकीम के आत्मसमर्पण के साथ राज्य ‘नक्सल मुक्त’ हो गया है ।पुलिस मुख्यालय की ओर से बुधवार देर रात जारी एक बयान के अनुसार, कोड़ा पर कम से कम 60 मामले दर्ज थे, जिनमें से कई गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज किए गए थे। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास के लिए संचालित ‘आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास योजना’ के तहत कोड़ा को भी लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
बयान में कहा गया है कि कोड़ा ने तीन असॉल्ट राइफल, सैकड़ों कारतूस और मैगजीन के अलावा कुछ नकदी के साथ बुधवार को मुंगेर जिले में विशेष कार्यबल (एसटीएफ) के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास के लिए संचालित ‘आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास योजना’ के तहत कोड़ा को भी लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।इस योजना के तहत कोड़ा पर घोषित इनाम राशि (तीन लाख रुपये) के अलावा पांच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा 36 महीनों तक व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए प्रतिमाह 10,000 रुपये का वजीफा दिया जाएगा।बयान में कहा गया है, ‘‘कोड़ा के आत्मसमर्पण के साथ बिहार में नक्सली नेटवर्क का पूरी तरह सफाया हो गया है और पूरा राज्य नक्सल-मुक्त हो गया है।’’
मध्य प्रदेश विधानसभा में 18 फरवरी को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा (Jagdish Devda) ने बजट पेश किया। राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पीएम के सपने को साकार करने वाला बजट है। हर हाथ को काम, हर युवा को रोजगार मिलेगा। हर नारी को न्याय हमारी सरकार का उद्देश्य है। हम देश के तीसरे युवा प्रदेश हैं। युवाओं के हाथ को काम मिले ये हमारा संकल्प है। इस दौरान उन्होंने कई बड़े ऐलान किए हैं।
वहीं, Naxal Mukt Madhya Pradesh बजट के दौरान वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मध्य प्रदेश को नक्सलमुक्त घोषित होने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित सभी जिले अब नक्सल मुक्त हो चुके हैं, बालाघाट जिले को हाल ही में नक्सल मुक्त किया गया है।