Narmadapuram Dowry Case / Image Source : IBC24
नर्मदापुरम :Narmadapuram Dowry Case मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम ज़िले से दहेज न देने पर बारात बीच शादी से वापस लौटने का मामला सामने आया है। दूल्हे के पिता ने 3 लाख रुपये नकद और बाइक की मांग पूरी न होने पर शादी तोड़ दी और बिना दुल्हन के ही बारात वापस ले गए। इस पूरी घटना की शिकायत दुल्हन पक्ष ने शादी के एक हफ्ते बाद पुलिस थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने दूल्हे और उसके पिता के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, युवती नर्मदापुरम की रहने वाली है और अपने घर में भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। उसकी शादी भोपाल के गौतम नगर में रहने वाले मनीष डोडिया से तय हुई थी।2 फरवरी को मनीष ने फोन कर शादी के इंतजामों की जानकारी ली। परिवार ने साफ कह दिया था कि वे अपनी क्षमता अनुसार ही विवाह कर पाएंगे। इसके बावजूद 6 फरवरी को मनीष के पिता देवनारायण डोडिया पीड़िता के घर पहुंचे और शादी धूमधाम से करने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे शादी नहीं करेंगे।शादी की पत्रिकाएं बंट चुकी थीं, इसलिए मजबूरी में पीड़िता के परिवार ने रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर धर्मशाला बुक की और शादी का सामान खरीदा।
बारात 12 फरवरी को दुल्हन के घर पहुंची और दोपहर में दोनों की सगाई हुई, जिसमें दूल्हे को सोने की अंगूठी और 5100 रुपये नकद दिए गए।MP Crime News Hindi शाम को बारात के दौरान दूल्हे को सोने की चेन भी दी गई।लेकिन वरमाला के बाद दूल्हा मनीष और उसके पिता देवनारायण ने दहेज में 3 लाख रुपये नकद और बाइक की मांग रख दी। पीड़िता के भाई, मां और रिश्तेदारों ने समझाने की कोशिश की कि वहां मेहमान मौजूद हैं और इतनी जल्दी रकम और बाइक की व्यवस्था संभव नहीं है।इसके बावजूद दूल्हा और उसके पिता नहीं माने। उन्होंने दी गई सोने की चेन और अंगूठी वापस की और बिना शादी किए बारात लेकर लौट गए।
शादी टूटने के एक हफ्ते बाद दुल्हन और उसके पिता ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। एसडीओपी जितेंद्र पाठक ने बताया कि शिकायत के आधार पर दूल्हा मनीष डोडिया और उसके पिता देवनारायण डोडिया के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।मामले की जांच जारी है। DOWRY NEWS शादी टूटने के बाद से युवती गहरे मानसिक तनाव में है। उसका कहना है कि दहेज की लालच ने उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा सपना तोड़ दिया।