एआई, सेमीकंडक्टर और क्वांटम प्रौद्योगिकी भारत के लिए अगले बड़े क्षेत्र: सीतारमण
एआई, सेमीकंडक्टर और क्वांटम प्रौद्योगिकी भारत के लिए अगले बड़े क्षेत्र: सीतारमण
(तस्वीरों सहित)
बेंगलुरु, 26 सितंबर (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृत्रिम मेधा (एआई) अवसंरचना, सेमीकंडक्टर और क्वांटम प्रौद्योगिकी में अधिक निवेश की जरूरत पर जोर देते हुए शनिवार को कहा कि ये भारत के विकास के लिए अगला बड़ा क्षेत्र होंगे।
यहां ‘आईआईटी मद्रास एलुमनी एसोसिएशन’ की ओर से आयोजित संवाद सत्र में सीतारमण ने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने के लिए भारत को जरूरी हार्डवेयर, कौशल और संस्थागत ढांचा तैयार करने के प्रयास तेज करने होंगे।
सीतारमण ने कहा, ‘‘भारत में एआई पर काफी काम हो रहा है, लेकिन विदेशों की कई पत्रिकाओं और समाचार पत्रों में यह धारणा है कि भारत एआई की दौड़ में पीछे रह गया है।’’ उन्होंने कहा कि इस धारणा का एक कारण यह भी हो सकता है कि भारतीय शेयर बाजारों एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) और बीएसई पर एआई क्षेत्र की बड़ी संख्या में कंपनियां सूचीबद्ध नहीं हैं।
हालांकि, वित्त मंत्री ने कहा कि एआई क्षेत्र के कई स्टार्टअप पहले ही यूनिकॉर्न यानी एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली कंपनी बन चुके हैं या इस स्तर तक पहुंचने के करीब हैं।
उन्होंने कहा कि आम तौर पर स्टार्टअप कई तरह के नियामकीय अनुपालनों के कारण शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने से बचते हैं, लेकिन सूचीबद्ध होने के अपने फायदे भी हैं।
सीतारमण ने कहा कि अगर एआई क्षेत्र की कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध होतीं, तो विदेशों में बैठे लोगों को भी पता चलता कि भारत में इस क्षेत्र में काफी गतिविधियां हो रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत एआई या क्वांटम प्रौद्योगिकी के मामले में पीछे नहीं है। केवल शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों की संख्या को यह देखने का पर्याप्त आधार नहीं बनाया जा सकता कि यहां क्या हो रहा है।’’ उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर बनी ऐसी धारणाओं का भी जवाब देना होगा और जहां संभव हो, कंपनियों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने पर विचार करना चाहिए।
सीतारमण ने कहा कि अवसंरचना में अगला बड़ा निवेश एआई, सेमीकंडक्टर चिप और क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में होना चाहिए। उन्होंने इन क्षेत्रों में क्षमता विकसित करने के लिए शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।
वित्त मंत्री ने रक्षा उत्पादन में भी अधिक निवेश की संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने विशेष रूप से मानवरहित प्रणालियों और ड्रोन जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का जिक्र किया।
भाषा यासिर पाण्डेय
पाण्डेय

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