आईओसी ने सेना की पूर्वी कमान के लिए विषम मौसम के अनुकूल डीजल की पहली खेप भेजी

आईओसी ने सेना की पूर्वी कमान के लिए विषम मौसम के अनुकूल डीजल की पहली खेप भेजी

आईओसी ने सेना की पूर्वी कमान के लिए विषम मौसम के अनुकूल डीजल की पहली खेप भेजी
Modified Date: September 26, 2026 / 05:02 pm IST
Published Date: September 26, 2026 5:02 pm IST

नयी दिल्ली, 26 सितंबर (भाषा) इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसी) ने भारतीय सेना की पूर्वी कमान के लिए विषम मौसम के अनुकूल श्रेणी (एक्सडब्ल्यूजी) वाले डीजल की पहली खेप भेजी है। कंपनी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पहली खेप रवाना किए जाने के साथ ही इस विशेष ईंधन की आपूर्ति उत्तरी सीमा के बाद पूर्वी क्षेत्र तक भी शुरू हो गई है।

‘विषम मौसम के अनुकूल श्रेणी’ वाले डीजल को जुलाई 2026 में थलसेना प्रमुख ने पेश किया था। इसे अत्यधिक ठंड और ऊंचाई वाले इलाकों में सेना की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

यह ईंधन कम तापमान में बेहतर प्रदर्शन और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में सैन्य वाहनों एवं उपकरणों के भरोसेमंद संचालन के लिए तैयार किया गया है। अत्यधिक ठंड एवं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सामान्य डीजल के संचालन में दिक्कतें आ सकती हैं, ऐसे में विशेष श्रेणी का ईंधन वाहनों और उपकरणों की विश्वसनीयता बनाए रखने में मदद करता है।

कंपनी ने बयान में कहा कि महानिदेशक (आपूर्ति एवं परिवहन) एवं रक्षा मंत्रालय के एकीकृत मुख्यालय में वरिष्ठ कर्नल कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा ने आईओसी के पानीपत विपणन परिसर से पहली खेप को रवाना किया।

इस पहल के साथ आईओसी पूर्वी क्षेत्र में एक्सडब्ल्यूजी डीजल उपलब्ध कराने वाली पहली सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी बन गई है। इससे सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में सेना की जरूरतों के लिए विशेष आपूर्ति शृंखला तैयार होगी।

लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा ने कहा कि ऊंचाई वाले और अत्यधिक ठंड वाले क्षेत्रों में सैन्य अभियान की तैयारी तथा परिचालन क्षमता के लिए एक्सडब्ल्यूजी डीजल महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। उन्होंने कहा कि पहली बार इस विशेष ईंधन की आपूर्ति लद्दाख से आगे बढ़ाकर सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में सेना के अभियानों के लिए की जा रही है।

आईओसी के कंट्री हेड (संस्थागत कारोबार) के जॉन प्रसाद ने कहा, ”भारतीय सेना देश के सबसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों वाले इलाकों में काम करती है, जहां ईंधन का भरोसेमंद होना सैन्य परिचालन के लिए महत्वपूर्ण है।”

भाषा यासिर पाण्डेय

पाण्डेय


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