Haldi Mehndi ceremony ban in Jat Samaj | Photo Credit: IBC24
नागौर: शादी समारोह हो या मृत्यु भोज दोनों अवसरों कार्यक्रमों में होने वाले खर्च अब आम जनता के लिए बड़ी चिंता का कारण बनता जा रहा है। सामाजिक परंपराओं और दिखावे की होड़ में कई परिवार अपनी क्षमता से ज्यादा खर्च कर देते हैं। इन्ही सब खर्च को रोकने के लिए राजस्थान के नागौर जिले में जाट समाज (Jat Samaj Rajasthan) ने बड़ा फैसला लिया है। समाज ने विवाह-मृत्यु भोज में फिजूलखर्ची पर रोक लगा दी है।
दरअसल, महाशिवरात्रि के अवसर पर सूरजपुरी महाराज के स्थान पर जाट समाज का सामाजिक बैठक हुआ। जिसमें समाज सुधान को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। साथ ही बैठक में ये भी फैसला लिया गया कि अब विवाह, मृत्यु भोज आदि अवसरों पर किए जाने वाले फिजूल खर्चों पर रोक लगेगी। इसके अलावा समाज में छोटे-बड़े और आम परिवारों के बीच बढ़ते भेदभाव को समाप्त करने को लेकर भी कई फैसले लिए गए हैं।
Haldi and Mehndi ceremony ban निर्णय के अनुसार, लड़के की शादी हो या लड़की की दोनों ही स्थिति में अधिकतम 5 तोला सोने के जेवरात देने-लेने की सीमा तय की गई है। इससे अधिक सोना देने-लेने पर सामाजिक रोक रहेगी। इसके अलावा हल्दी-मेहंदी की रस्म नहीं करने की सहमति बनी है। इसके साथ ही विवाह में बर्तन बांटने की प्रथा पूर्णतः बंद करने, मायरा (भात) में सादगी अपनाने तथा कपड़ों के स्थान पर सीमित व प्रतीकात्मक राशि देने पर सहमति बनी है। मृत्युभोज में कपड़ों के लेन-देन की परंपरा समाप्त कर लिफाफे में सीमित राशि देने की व्यवस्था लागू की जाएगी।