एआई समिट के घोषणापत्र पर 70 देशों के हस्ताक्षर, 250 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता मिलीः वैष्णव

एआई समिट के घोषणापत्र पर 70 देशों के हस्ताक्षर, 250 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता मिलीः वैष्णव

एआई समिट के घोषणापत्र पर 70 देशों के हस्ताक्षर, 250 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता मिलीः वैष्णव
Modified Date: February 20, 2026 / 10:26 pm IST
Published Date: February 20, 2026 10:26 pm IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी प्रमुख देशों ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दिल्ली घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

वैष्णव ने कहा कि 70 से अधिक देशों ने पहले ही घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और शनिवार को यह संख्या 80 के पार हो जाने की संभावना है।

वैष्णव ने कहा, ‘मैं आपके साथ यह भी साझा करना चाहूंगा कि पिछले शिखर सम्मेलन में अंतिम घोषणापत्र पर लगभग 60 देशों ने हस्ताक्षर किए थे। हम पहले ही 70 का आंकड़ा पार कर चुके हैं। हमें विश्वास है कि यह 80 का आंकड़ा पार कर जाएगा। सभी प्रमुख देशों ने पहले ही इस पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।’

उन्होंने कहा कि कई देशों के विदेश मंत्री भारत सरकार के साथ इस पर चर्चा कर रहे हैं और अंतिम संख्या शनिवार को साझा की जाएगी।

वैष्णव ने ‘इंडिया एआई समिट’ को एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि प्रदर्शनी में पांच लाख से अधिक आगंतुकों की उपस्थिति रही और इस आयोजन में बुनियादी ढांचे से संबंधित 250 अरब डॉलर से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता देखी गई।

कांग्रेस के विरोध पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि विपक्षी दल द्वारा शिखर सम्मेलन को बाधित करने के लिए किए गए प्रयास को भारत के युवाओं ने पूरी तरह से खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘घोषणा पर व्यापक सहमति है, हम शिखर सम्मेलन के आकार को देखते हुए, इसमें शामिल होने वालों की संख्या को अधिकतम करना चाहते हैं।’

मंत्री ने कहा कि शिखर सम्मेलन समाप्त होने के बाद दिल्ली घोषणापत्र का पूरा विवरण पारदर्शी तरीके से साझा किया जाएगा।

सम्मेलन में भारत की पांच-स्तरीय एआई नीति और स्वदेशी एआई मॉडल की पहल की वैश्विक प्रौद्योगिकी उद्योग के दिग्गजों ने सराहना की।

वैष्णव ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद भारत के इंजीनियरों और शोधकर्ताओं ने उच्च गुणवत्ता वाले मॉडल तैयार किए हैं, जो हमारी मेहनत को वैश्विक मान्यता देते हैं।

वैष्णव ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अगले सेमीकंडक्टर संयंत्र की नींव रखी जाएगी और 28 फरवरी से माइक्रॉन फैक्टरी में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होगा।

उन्होंने कहा कि यह देश का एक बड़ा औद्योगिक केंद्र होगा, जिसका आकार लगभग 10 क्रिकेट मैदानों के बराबर है। भारत एआई मिशन 2.0 के तहत लगभग 20 लाख लोगों को एआई में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

भाषा योगेश प्रेम

प्रेम


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