मुंबई/नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) विमानन सुरक्षा नियामक डीजीसीए ने पिछले साल कम से कम आठ मार्गों पर आवश्यक उड़ान योग्यता प्रमाणपत्र के बिना एयरबस ए320 नियो विमान का संचालन करने के लिए टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पिछले साल दो दिसंबर को कहा था कि वह एयर इंडिया द्वारा बिना वैध प्रमाणपत्र के विमान उड़ाने की घटना की जांच कर रहा है।
सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि नियामक ने नियम के उल्लंघन के लिए एयर इंडिया पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
नियामक द्वारा की गई इस कार्रवाई पर एयर इंडिया ने एक बयान में कहा, ‘एयर इंडिया डीजीसीए के उस आदेश की प्राप्ति स्वीकार करती है, जो 2025 में स्वेच्छा से रिपोर्ट की गई एक घटना के संबंध में है। पहचान की गई सभी कमियों को संतोषजनक ढंग से दूर कर लिया गया है और इसकी जानकारी प्राधिकरण के साथ साझा कर दी गई है।’
एयरलाइन ने 26 नवंबर, 2025 को डीजीसीए को सूचित किया था कि उसके एक ए320 विमान ने ‘एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट’ (एआरसी) की अवधि समाप्त होने के बावजूद आठ व्यावसायिक क्षेत्रों में उड़ान भरी थी।
एआरसी किसी विमान के रखरखाव रिकॉर्ड, भौतिक स्थिति और सभी विमानन मानकों के अनुपालन की व्यापक समीक्षा के बाद प्रतिवर्ष जारी किया जाता है। यह किसी विमान के मुख्य उड़ान योग्यता प्रमाणपत्र का सत्यापन होता है।
नियमों के तहत, एयर इंडिया को विमान के लिए एआरसी जारी करने की शक्तियां सौंपी गई हैं। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया को पहले भी कुछ नियमों के उल्लंघन के लिए नियामक कार्रवाई का सामना करना पड़ा है।
भाषा सुमित रमण
रमण