(मनोज राममोहन)
अबू धाबी, 19 जुलाई (भाषा) एयर इंडिया समूह अगले 18 माह में अपने बेड़े में 50 से 60 नए विमान शामिल करने की तैयारी कर रहा है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि एयरलाइन की महत्वाकांक्षी रूपांतरण योजना तय दिशा में आगे बढ़ रही है, हालांकि विमानन क्षेत्र को कई अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
एयर इंडिया के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी और एयर इंडिया एक्सप्रेस के चेयरमैन निपुण अग्रवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी को कई महत्वपूर्ण सीख मिली हैं।
उन्होंने बताया कि यह बदलाव अभियान काफी जटिल और चुनौतीपूर्ण रहा है।
घाटे में चल रही एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया का जनवरी, 2022 में टाटा समूह ने अधिग्रहण किया था।
अग्रवाल ने कहा कि विमानन उद्योग को आपूर्ति श्रृंखला में दिक्कतों, हवाई क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं, ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाओं जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद एयरलाइन अपनी योजना के अनुसार आगे बढ़ रही है।
अग्रवाल ने बताया कि एयर इंडिया समूह का करीब 600 विमानों का ऑर्डर है और अभी इनमें से 10 प्रतिशत से कम की डिलिवरी हुई है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इनकी डिलिवरी तेज होगी। अगले सात से आठ वर्षों तक हर साल लगभग 50 से 60 नए विमान मिलने की उम्मीद है, जिनमें 10 से 15 बड़े आकार के विमान और 45 से 50 छोटे आकार के विमान शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि पुराने विमानों और पुराने केबिन की वजह से कंपनी को परिचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब स्थिति में सुधार हो रहा है। बेड़े के आधुनिकीकरण और विमानों के उन्नयन की प्रक्रिया तेज हो गई है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस अगले साल मार्च तक अपने विमानों को एक समान बेड़े में बदलने की योजना पर काम कर रही है। वहीं, एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों का उन्नयन अगले वर्ष के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि बोइंग 777 विमानों में अधिक समय लग सकता है।
अग्रवाल ने बताया कि बोइंग मैक्स-8 विमानों की डिलिवरी तय कार्यक्रम के अनुसार जारी है। वहीं, मैक्स-10 विमानों की डिलिवरी प्रमाणन प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू होने की उम्मीद है।
पश्चिम एशिया संकट और ईंधन कीमतों के दबाव के कारण एयर इंडिया ने कुछ उड़ानों में कटौती की थी। अब कंपनी इस साल की दूसरी छमाही से अपने नेटवर्क को दोबारा मजबूत कर रही है। एयर इंडिया ने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में वह युद्ध से पहले के स्तर पर अपनी सेवाएं बहाल कर लेगी।
इसके अलावा कंपनी यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए चालक दल और हवाईअड्डा कर्मचारियों के प्रशिक्षण, नई सेवा प्रक्रियाओं और प्रौद्योगिकी प्रणालियों में निवेश कर रही है।
अग्रवाल ने कहा कि बेहतर विमान के साथ-साथ बेहतर सेवा व्यवस्था भी जरूरी है, तभी यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद अनुभव मिल सकेगा।
उल्लेखनीय है कि एयर इंडिया का हाल के समय में काफी चुनौतियां का सामना करना पड़ा है। पिछल साल एयरलाइन का ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादस में 260 लोगों की जान चली गई थी।
भाषा अजय अजय योगेश
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