एयर इंडिया अमृतसर के लिए जल्द शुरू करेगी ‘इनबाउंड’ हब एंड स्पोक उड़ानें

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एयर इंडिया अमृतसर के लिए जल्द शुरू करेगी ‘इनबाउंड’ हब एंड स्पोक उड़ानें

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 10:48 AM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 10:48 AM IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) एयर इंडिया अगले दो महीनों में ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल के तहत अमृतसर के लिए ‘इनबाउंड’ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की योजना बना रही है। इसके तहत यात्री अमृतसर में ही आव्रजन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे और अपना सामान प्राप्त कर सकेंगे।

फिलहाल, विदेश से आने वाले यात्रियों को भारत में प्रवेश के पहले हवाई अड्डे पर ही आव्रजन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है और सामान लेना पड़ता है। इसके बाद उन्हें अपने अंतिम घरेलू गंतव्य के लिए अगली उड़ान लेनी होती है।

‘हब एंड स्पोक’ (एचएंडएस) मॉडल के तहत अमृतसर के लिए यह व्यवस्था समाप्त हो जाएगी और यात्री अपने अंतिम गंतव्य अमृतसर में ही आव्रजन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे तथा सामान प्राप्त कर सकेंगे।

एचएंडएस मॉडल के तहत छोटे हवाई अड्डों यानी ‘स्पोक’ से यात्रियों को बड़े हवाई अड्डों यानी ‘हब’ के जरिये अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक पहुंचने की सुविधा दी जाती है।

इस मॉडल के तहत प्रमुख ‘हब’ से इतर छोटे व मझोले शहरों में यात्रियों को अपने प्रस्थान हवाई अड्डे पर ही सामान जमा करने, आव्रजन प्रक्रिया पूरी करने और बिना किसी अतिरिक्त औपचारिकता के विदेश यात्रा करने की सुविधा मिलती है।

एयर इंडिया ने मंगलवार को कहा कि वह अगले दो महीनों में इस मॉडल के तहत ‘इनबाउंड’ यानी भारत आने वाली उड़ानें शुरू करने की उम्मीद कर रही है।

इस मॉडल के तहत अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जुड़ने वाली ‘आउटबाउंड’ या घरेलू उड़ानें 25 जून से वाराणसी से शुरू की गई थीं। मंगलवार को ऐसी उड़ानों का परिचालन अमृतसर से भी शुरू हुआ।

इन उड़ानों को ‘ईजी कनेक्ट’ सेवा कहा जाता है और इनका संचालन एयर इंडिया कर रही है।

एयर इंडिया ने कहा कि वह ‘इनबाउंड’ हब एंड स्पोक परिचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करने वाली पहली भारतीय विमानन कंपनी होगी।

इससे दिल्ली के जरिये अमृतसर जाने वाले यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय से घरेलू उड़ानों में निर्बाध स्थानांतरण की सुविधा मिलेगी।

एयरलाइन ने एक बयान में कहा, ‘‘ अमृतसर से ‘इनबाउंड ईजी कनेक्ट’ सेवा के अगले दो महीनों में शुरू किए जाने की उम्मीद है।’’

भाषा निहारिका

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