एयर इंडिया का एकीकृत घाटा वित्त वर्ष 2025-26 में दोगुना होकर 22,238 करोड़ रुपये पर

एयर इंडिया का एकीकृत घाटा वित्त वर्ष 2025-26 में दोगुना होकर 22,238 करोड़ रुपये पर

एयर इंडिया का एकीकृत घाटा वित्त वर्ष 2025-26 में दोगुना होकर 22,238 करोड़ रुपये पर
Modified Date: September 16, 2026 / 10:03 pm IST
Published Date: September 16, 2026 10:03 pm IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) टाटा समूह की एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया का बीते वित्त वर्ष 2025-26 में एकीकृत शुद्ध घाटा बढ़कर 22,238.23 करोड़ रुपये रहा। इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का एकीकृत घाटा 10,858.83 करोड़ रुपये था।

नियामकीय सूचना के अनुसार, इस दौरान कंपनी की कुल आय घटकर 71,869.94 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 78,635.61 करोड़ रुपये थी। एकीकृत आंकड़ों में एयर इंडिया एक्सप्रेस के वित्तीय परिणाम भी शामिल हैं।

एयर इंडिया को पिछले वित्त वर्ष के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इनमें पिछले साल जून में हुआ एआई171 विमान हादसा, वैश्विक घटनाक्रम, हवाई क्षेत्र बंद होने, ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव और परिचालन से जुड़ी विभिन्न समस्याएं शामिल हैं। एआई 171 विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी।

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 93,733.31 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 89,317.12 करोड़ रुपये था।

नियामकीय सूचना के अनुसार, इस दौरान विमानों की मरम्मत और रखरखाव पर खर्च बढ़कर 14,976.45 करोड़ रुपये रहा, जो 2024-25 में 13,901.82 करोड़ रुपये था। वहीं, ईंधन पर खर्च घटकर 26,871.80 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 29,023.37 करोड़ रुपये था।

विदेशी मुद्रा से होने वाला नुकसान भी बढ़कर 7,388.23 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 1,545.01 करोड़ रुपये था।

पिछले वित्त वर्ष में असाधारण मदों में 429.05 करोड़ रुपये शामिल थे। इसमें एआई171 विमान हादसे से जुड़ी राशि भी शामिल है।

कंपनी ने बताया कि उसकी मूल कंपनी विमान के ढांचे और देनदारी से संबंधित बीमा से पर्याप्त रूप से सुरक्षित है। विमान के नुकसान और उससे जुड़े खर्चों के लिए बीमा कंपनी से राशि मिल चुकी है।

वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय विवरण को एक जून, 2026 को मंजूरी दी गई थी।

एयर इंडिया का स्वामित्व संयुक्त रूप से टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के पास है।

भाषा रमण अजय

अजय


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