नयी दिल्ली, सात जून (भाषा) अल्फाग्रेप इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट अगले महीने अपनी पहली म्यूचुअल फंड योजना लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने अगले तीन से पांच साल में 25,000 से 30,000 करोड़ रुपये की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
कंपनी को हाल ही में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से म्यूचुअल फंड कारोबार शुरू करने की मंजूरी मिली है। इसके बाद वह भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में औपचारिक रूप से प्रवेश कर रही है।
कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) भौतिक अंबानी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि उनकी पहली नई कोष पेशकश (एनएफओ) योजना एक बहु-संपत्ति आवंटन कोष होगी, जो छह जुलाई को निवेशकों के लिए खुलेगी और 20 जुलाई को बंद होगी।
यह कोष इक्विटी एवं इक्विटी-संबंधित माध्यमों, बॉन्ड एवं मनी मार्केट के साथ-साथ सोने, चांदी और अन्य अनुमत जिंस एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश करेगा।
अंबानी ने कहा, “हम अगले तीन से पांच साल में 25,000-30,000 करोड़ रुपये का एयूएम हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि कंपनी का ध्यान उन्नत गणितीय मॉडल, कृत्रिम मेधा (एआई) और मशीन लर्निंग पर आधारित ‘क्वांटिटेटिव’ इक्विटी तथा हाइब्रिड निवेश रणनीतियों पर रहेगा।
बहु-संपत्ति कोष के बाद कंपनी एक ओपन-एंडेड डायनेमिक इक्विटी योजना भी लाने की तैयारी कर रही है, जो बड़े, मझोले और छोटे शेयरों में निवेश करेगी।
अंबानी ने कहा, “हम हमेशा ऐसे उत्पाद लाने का प्रयास करेंगे जो निवेशकों को कुछ अलग और विशिष्ट पेशकश कर सकें।”
साल 2010 में मोहित मुत्रेजा और प्रशांत मित्तल द्वारा स्थापित अल्फाग्रेप एक वैश्विक ‘क्वांटिटेटिव’ ट्रेडिंग और निवेश फर्म है। कंपनी के पास 500 से अधिक कर्मचारी हैं और उसके कार्यालय करीब आठ देशों में फैले हुए हैं।
भाषा अजय अजय
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