आंध्र सरकार ने क्रोमा-एटोर पावर प्रोडक्ट्स को 200 बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की मंजूरी दी

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आंध्र सरकार ने क्रोमा-एटोर पावर प्रोडक्ट्स को 200 बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की मंजूरी दी

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  • Publish Date - February 27, 2026 / 04:51 PM IST,
    Updated On - February 27, 2026 / 04:51 PM IST

अमरावती, 27 फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश सरकार ने क्रोमा-एटोर पावर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को पलनाडु जिले में 200 टन प्रति दिन (टीपीडी) क्षमता वाले कॉम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की शुक्रवार को मंजूरी दे दी।

ऊर्जा विभाग के विशेष मुख्य सचिव के. विजयआनंद ने कहा कि सरकार ने आंध्र प्रदेश एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 के प्रावधानों के अनुसार कंपनी को पट्टे पर राजस्व भूमि आवंटित करने की स्वीकृति दी है।

उन्होंने सरकारी आदेश में कहा, ‘‘ सरकार ने पलनाडु जिला में चिलकलूरिपेटा मंडल स्थति एदवली गांव में 200 टन प्रतिदिन (10 इकाइयां गुना 20 टीपीडी) कॉम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की अनुमति दी है।’’

राज्य का लक्ष्य स्वयं को स्वच्छ ऊर्जा केंद्र के रूप में स्थापित करने और आत्मनिर्भर आर्थिक वृद्धि में योगदान देना है। इसके तहत आंध्र प्रदेश एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति, 2024 अधिसूचित की गई।

आंध्र प्रदेश का लक्ष्य 160 गीगावॉट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ना और करीब 10,000 करोड़ रुपये के निवेश आकर्षित करना है। राज्य व्यापक और विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दे रहा है।

कृषि प्रधान आंध्र प्रदेश की 62 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर होने को देखते हुए सरकार का मानना है कि जैव ईंधन…खासतौर पर गन्ना, टूटे चावल, मक्का, शुगर बीट (चुकंदर), मीठा ज्वार, कॉर्न और कसावा जैसी कृषि उपज में संभावित वृद्धि के मद्देनजर… उत्पादन की पर्याप्त संभावना है।

सरकारी आदेश में कहा गया कि इन फसलों के साथ-साथ ‘क्लीन आंध्र प्रदेश’ (सीएलएपी) जैसी पहल जनभागीदारी के माध्यम से अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करेंगी। साथ ही बायोएथनॉल, बायोडीजल एवं बायो-सीएनजी/कॉम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) सहित जैव ईंधन संयंत्रों की स्थापना के लिए व्यापक अवसर उत्पन्न करेंगी। वहीं क्रोमा-एटोर पावर प्रोडक्ट्स से अपेक्षा है कि वह अपनी परियोजना दो वर्ष के भीतर पूरा कर लेगी।

भाषा निहारिका रमण

रमण