मुंबई, 27 फरवरी (भाषा) वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया आठ पैसे टूटकर 90.99 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
विदेशीमुद्रा कारोबारियों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की पूंजी निकासी और घरेलू शेयर बाजार में गिरावट से रुपये पर और दबाव पड़ा।
अंतरबैंक विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 90.91 पर खुला और 90.91 से 91.06 के दायरे में घट-बढ़ के बाद अंत में 90.99 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से आठ पैसे की गिरावट है।
बृहस्पतिवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 90.91 पर अपरिवर्तित रुख के साथ बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक, अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि घरेलू शेयर बाजार में कमजोर रुख तथा अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की वजह से रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। डॉलर-रुपया हाजिर कीमत 90.70 रुपये से 91.20 रुपये के बीच रहने का अनुमान है।’’
इस बीच, विश्व की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को मापने वाला, डॉलर सूचकांक 0.05 प्रतिशत टूटकर 97.74 पर रहा।
वैश्विक कच्चातेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.64 प्रतिशत बढ़कर 71.91 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
घरेलू शेयर बाजार में, सेंसेक्स 961.42 अंक टूटकर 81,287.19, जबकि निफ्टी 317.90 अंक गिरकर 25,178.65 पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बृहस्पतिवार को 3,465.99 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। भाषा राजेश राजेश रमण
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