बिकवाली दबाव से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट; सेंसेक्स 961 अंक लुढ़का, निफ्टी 25,200 के नीचे

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बिकवाली दबाव से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट; सेंसेक्स 961 अंक लुढ़का, निफ्टी 25,200 के नीचे

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  • Publish Date - February 27, 2026 / 06:00 PM IST,
    Updated On - February 27, 2026 / 06:00 PM IST

मुंबई, 27 फरवरी (भाषा) कमजोर वैश्विक रुझानों, बढ़ते तनाव विदेशी पूंजी की ताजा निकासी के बीच शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 961 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी 318 अंक टूटकर 25,200 के स्तर के नीचे आ गया।

विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता में प्रगति न होने से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका ने निवेशक धारणा को प्रभावित किया।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक 961.42 अंक यानी 1.17 प्रतिशत लुढ़ककर 81,287.19 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,089.46 अंक यानी 1.32 प्रतिशत तक गिरकर 81,159.15 अंक पर आ गया था।

इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी 317.90 अंक यानी 1.25 प्रतिशत गिरकर 25,178.65 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से सन फार्मा, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति सुजुकी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।

दूसरी तरफ, एचसीएल टेक, ट्रेंट, इन्फोसिस और इटर्नल के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 3,465.99 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,031.57 करोड़ रुपये की खरीदारी की।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘कमजोर वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण बाजारों में सतर्कता का माहौल है। कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़ी वैश्विक अनिश्चितताओं ने भी सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग को समर्थन दिया। घरेलू स्तर पर ताजा सकारात्मक कारकों के अभाव में वैश्विक व्यापक आर्थिक कारक हावी हो रहे हैं।’

क्षेत्रवार सूचकांकों में रियल्टी खंड में सर्वाधिक 2.25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि दूरसंचार खंड में 1.83 प्रतिशत, वाहन खंड में 1.81 प्रतिशत और धातु खंड में 1.57 प्रतिशत की गिरावट रही।

दूसरी तरफ, केवल आईटी और फोकस आईटी खंड ही तेजी के साथ बंद हुए।

व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.84 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ जबकि मझोली कंपनियों का मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.71 प्रतिशत नुकसान में रहा।

बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,528 शेयरों में गिरावट रही जबकि 1,660 शेयर चढ़कर बंद हुए और 181 अन्य अपरिवर्तित रहे।

साप्ताहिक आधार पर बीएसई सेंसेक्स में कुल 1,527.52 अंक यानी 1.84 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि एनएसई निफ्टी को कुल 392.6 अंक यानी 1.53 प्रतिशत का नुकसान हुआ।

लाइवलांग वेल्थ के संस्थापक एवं शोध विश्लेषक हरिप्रसाद के. ने कहा, ‘कमजोर वैश्विक संकेतों और बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं ने निवेशकों का भरोसा कम किया। इससे वाहन, एफएमसीजी और दवा क्षेत्र के शेयरों में मुनाफावसूली का जोर देखा गया।’

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सूचकांक करीब एक प्रतिशत गिरा, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहे।

यूरोपीय बाजार मिले-जुले रुख में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.26 प्रतिशत उछलकर 71.64 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 27.46 अंक की मामूली गिरावट के साथ 82,248.61 अंक जबकि निफ्टी 14.05 अंक की हल्की बढ़त के साथ 25,496.55 अंक पर बंद हुआ था।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण