चीन से आयात होने वाले फ्लोट ग्लास पर डंपिंगरोधी शुल्क तीन महीने और बढ़ा

Ads

चीन से आयात होने वाले फ्लोट ग्लास पर डंपिंगरोधी शुल्क तीन महीने और बढ़ा

  •  
  • Publish Date - September 4, 2020 / 02:47 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:09 PM IST

नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाष) सरकार ने चीन से आयात किए जाने वाले ‘फ्लोट ग्लास’ पर डंपिंगरोधी शुल्क तीन महीने और बढ़ा दिया है। अब यह सात दिसंबर तक लगेगा।

फ्लोट ग्लास का इस्तेमाल निर्माण क्षेत्र में होता है। सरकार ने घरेलू कंपनियों को चीन से होने वाले इसके सस्ते आयात से बचाने के लिए डंपिंगरोधी शुल्क की अवधि बढ़ाने का निर्णय किया है।

राजस्व विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, फ्लोट ग्लास पर लगाया गया डंपिंगरोधी शुल्क सात दिसंतबर 2020 तक लागू रहेगा।

फ्लोट ग्लास पर पहली बार डंपिंगरोधी शुल्क आठ सितंबर 2015 को पांच साल के लिए लगाया गया था। यह प्रति टन 218 डॉलर की दर से लगाई जा रही है।

वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करने वाला व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) जांच कर डंपिंगरोधी शुल्क लगाने की सिफारिश करता है। वाणिज्य मंत्रालय मामले में अंतिम निर्णय लेने के लिए उसे वित्त मंत्रालय के पास भेजता है।

विभाग द्वारा 2 सितंबर को जारी एक अलग अधिसूचना में चीन से साइप्रोफ्लोक्सासिन हाइड्रोक्लोराइड दवा के आयात पर छह माह के लिये अस्थाई डंपिंगरोधी शुल्क लगाया गया है।

यह दवा कई तरह के विषाणु जनित संक्रमण के इलाज में उपयोग होती है।

दवा पर 94 सेंट से 3.29 डॉलर प्रति किलोग्राम के दायरे में डंपिंगरोधी शुल्क लगाया गया है।

भाषा

शरद महाबीर

महाबीर