भदोही, 24 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की एक त्वरित अदालत ने दहेज के लिए विवाहिता की हत्या कर शव को पंखे से लटकाने के मामले में शुक्रवार को ससुर और ननद को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने दोनों दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) प्रवेश तिवारी ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित अदालत-महिला उत्पीड़न) पुष्पा सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी ससुर भुल्लर और ननद कुमारी कविता को दोषी करार दिया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
उन्होंने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर मृतका के पति सज्जन और उसकी दूसरी ननद रीतू को दोषमुक्त करार दिया।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनव त्यागी ने बताया कि कोइरौना थाना क्षेत्र के दस्युपुर गांव में नीतू का शव पंखे से साड़ी के फंदे के सहारे लटका मिला था।
उन्होंने बताया कि गोपीगंज थाना क्षेत्र के सुजातपुर निवासी गुड्डू ने अपनी बेटी नीतू की शादी वर्ष 2022 में भुल्लर के बेटे सज्जन से की थी। शादी के बाद पति, ससुर और ननदें कविता तथा रीतू दहेज में सोने के आभूषण और मोटरसाइकिल की मांग को लेकर नीतू को कथित रूप से प्रताड़ित करते थे।
एसपी ने बताया कि 29 मई 2024 को नीतू का शव पंखे से साड़ी के फंदे से लटका हुआ मिला था। इस मामले में नीतू के पिता गुड्डू की तहरीर पर पति, ससुर और दोनों ननदों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले की विस्तृत विवेचना के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। सुनवाई के बाद अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत