नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय की इकाई कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने कृषि-खाद्य और कृषि-प्रौद्योगिकी स्टार्टअप कंपनियों को समर्थन देने के लिए एक नई पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना और युवा उद्यमियों के लिए नए निर्यात अवसर पैदा करना है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव ने कहा कि ‘कृषि-प्रौद्योगिकी, जुझारूपन, उन्नयन और निर्यात-सक्षम इनक्यूबेशन के लिए भारत का केंद्र’ यानी ‘भारती’ पहल कृषि क्षेत्र की स्टार्टअप फर्मों को सशक्त बनाने के लिए तैयार की गई है।
उन्होंने ग्रेटर नोएडा में भारतीय निर्यात संवर्धन परिषद (टीपीसीआई) द्वारा आयोजित तीन-दिवसीय ‘इंडसफूड 2026’ प्रदर्शनी में शिरकत करते हुए कहा, “हम इस पहल के तहत शीर्ष 10 स्टार्टअप को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर देंगे।”
कृषि निर्यात के मोर्चे पर देव ने कहा कि वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के कृषि निर्यात में स्वस्थ वृद्धि दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा, “इस साल भी हम रिकॉर्ड वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि एपीडा-प्रोत्साहित निर्यात चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान सात प्रतिशत बढ़कर 18.6 अरब डॉलर रहा है, जबकि 2024-25 में यह 28.5 अरब डॉलर था।
उन्होंने कहा, “इस वित्त वर्ष में हमें 30 अरब डॉलर के स्तर को पार कर जाने की उम्मीद है।”
इस मौके पर टीपीसीआई के चेयरमैन मोहित सिंगला ने कहा कि इस खाद्य एवं पेय प्रदर्शनी में 120 से अधिक देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। चीन, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब, फिलीपीन, नेपाल और लेबनान सहित कई देशों के खरीदार और प्रदर्शक भारत आए हैं।
सिंगला ने कहा, “हम 30 देशों के 2,200 से अधिक प्रदर्शकों को एक मंच पर ला रहे हैं। 120 से अधिक देशों से 15,000 से ज्यादा खरीदार और व्यापारिक आगंतुक इसमें शामिल हो रहे हैं। यह मंच खाद्य और पेय उद्योग की पूरी मूल्य शृंखला को एक जीवंत परिवेश में जोड़ता है।”
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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