एप्पल-पे ने एक्सिस बैंक के साथ मिलकर भारत में सेवा शुरू की
एप्पल-पे ने एक्सिस बैंक के साथ मिलकर भारत में सेवा शुरू की
नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल ने एक्सिस बैंक के साथ मिलकर एप्पल-पे सेवा शुरू कर भारतीय भुगतान बाजार में प्रवेश किया है। कंपनी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
एप्पल के उपयोगकर्ता आईफोन, आईपैड और एप्पल वॉच के जरिये इस सेवा का इस्तेमाल कर सकेंगे। मैक के लिए भी इसका समर्थन जल्द उपलब्ध होगा।
एप्पल-पे और एप्पल वॉलेट की उपाध्यक्ष जेनिफर बेली ने कहा, ‘‘भारत एक गतिशील आबादी वाला देश है जो डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करती है और लगातार नकदी रहित भविष्य को अपना रही है। साथ ही सुरक्षा तथा गोपनीयता के उच्च मानकों की अपेक्षा करती है। हमें आज भारत में उपयोगकर्ताओं के लिए एप्पल-पे लाने को लेकर बहुत उत्साह है।’’
कंपनी ने कहा कि एप्पल उपकरणों के उपयोगकर्ता दुकानों, ऐप तथा वेबसाइट पर भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए भुगतान के समय पिन डालने या ओटीपी का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होगी।
बयान में कहा गया, ‘‘एक्सिस बैंक द्वारा जारी वीजा और मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड वाले ग्राहक अपने कार्ड एप्पल पे में जोड़ सकते हैं और भारत में हजारों दुकानों तथा ऑनलाइन कारोबारियों के यहां, साथ ही कहीं भी जहां एनएफसी लेनदेन स्वीकार किए जाते हैं, उनका इस्तेमाल कर सकते हैं।’’
एप्पल पे उपयोगकर्ता भुगतान करने के लिए अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड को ऐप में जोड़ सकते हैं।
बयान में कहा गया, ‘‘जब ग्राहक एप्पल पे के साथ कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो कार्ड का वास्तविक नंबर न तो उपकरण में और न ही एप्पल के सर्वर पर रखा जाता है और न ही एप्पल इसे कारोबारी के साथ साझा करता है। इसके बजाय, एक विशिष्ट ‘डिवाइस अकाउंट नंबर’ दिया जाता है, जिसे एन्क्रिप्ट करके सिक्योर एलिमेंट में सुरक्षित रूप से रखा जाता है। यह उद्योग मानकों के अनुरूप प्रमाणित चिप है, जिसे उपकरण में भुगतान संबंधी जानकारी सुरक्षित रखने के लिए तैयार किया गया है।’’
एप्पल लेनदेन का विवरण भी अपने पास नहीं रखती है।
यदि किसी उपयोगकर्ता का आईफोन खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो वह ‘फाइंड माई’ ऐप का इस्तेमाल कर उस उपकरण का तुरंत पता लगा सकता है, उसे लॉक कर सकता है या उससे भुगतान की सुविधा निलंबित कर सकता है।
एप्पल ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के साथ भी बातचीत की है, लेकिन अभी तक इस पर कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।
इस संबंध में एप्पल को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला।
मामले से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रखने वाले एक सूत्र ने कहा, ‘‘एप्पल पे की अन्य बैंकों के साथ भी बातचीत जारी है। इनमें से कुछ बैंक इस साल के अंत तक इसके साथ जुड़ सकते हैं।’’
सेवा शुरू होने के साथ ही एप्पल पे को भारत में लाखों कारोबारियों के यहां स्वीकार किया जाएगा। इनमें एप्पल स्टोर के अलावा ब्लिंकिट, चायोस, कॉमेट, क्रोमा, इंटरफ्लोरा, इक्सिगो, ले15 पैटिसरी, रिलायंस ब्रांड्स, टाटा 1एमजी, जोमैटो और अन्य शामिल हैं।
एप्पल ने कहा कि उसने भारत में अपने कारोबारी नेटवर्क पर एप्पल पे उपलब्ध कराने के लिए कैशफ्री, जसपे, एमस्वाइप, पेटीएम, पेयू, पाइन लैब्स, रेजरपे, वर्ल्डलाइन और अन्य भुगतान सेवा प्रदाताओं (पीएसपी) के साथ मिलकर काम किया है। समय के साथ और अधिक कारोबारी तथा ऐप इससे जुड़ेंगे।
एप्पल पे फिलहाल 90 से अधिक देशों और क्षेत्रों में उपलब्ध है तथा दुनियाभर में 11,000 से अधिक बैंक और नेटवर्क साझेदारों के साथ काम करती है।
भाषा निहारिका अजय
अजय

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