असम सरकार ने 62,294.78 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया, प्रमुख योजनाएं जारी रहेंगी

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असम सरकार ने 62,294.78 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया, प्रमुख योजनाएं जारी रहेंगी

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  • Publish Date - February 17, 2026 / 04:21 PM IST,
    Updated On - February 17, 2026 / 04:21 PM IST

(तस्वीर के साथ)

गुवाहाटी, 17 फरवरी (भाषा) असम की वित्त मंत्री अजंता नियोग ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 62,294.78 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट विधानसभा में पेश किया और कहा कि प्रत्यक्ष नकद लाभ देने वाली प्रमुख योजनाएं आने वाले वर्षों में भी जारी रहेंगी।

राज्य में कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।

चुनाव से पहले अपना अंतिम बजट पेश करते हुए नियोग ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार इस समय असम देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य है।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती महीनों के लिए अनुदान मांगों पर लेखानुदान (वोट ऑन अकाउंट) प्रस्तुत कर रही हूं, जिसकी राशि 62,29,478.30 लाख रुपये है ताकि पूर्ण बजट आने तक सरकार सामान्य सेवाएं जारी रख सके।’’

नियोग ने कहा कि प्रमुख ‘निजुत मोइना’ योजना के तहत 2023-24 और 2024-25 के बीच छात्राओं के स्कूल छोड़ने की दर में 8.2 प्रतिशत की कमी आई है। माध्यमिक स्तर पर लड़कियों के कुल नामांकन अनुपात में 4.2 प्रतिशत और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर 7.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री निजुत मोइना असोनी’ योजना के तहत सरकार ने 1,000 रुपये से 2,500 रुपये तक की मासिक वित्तीय सहायता के लिए करीब 260 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं जिससे 55 लाख से अधिक छात्राओं को सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘ इसी प्रकार, मुख्यमंत्री निजुत बाबू योजना के तहत, स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 47,428 लड़कों को 1,000 रुपये से 2,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।’’

असम विधानसभा के 126 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव इस साल मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है।

असम की गरीबी उन्मूलन योजना ‘ओरुनोदोई’ पर नियोग ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिये भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार ने अपना वादा पूरा किया है।

राज्य की वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान के तहत, हमने प्रत्येक स्वयं सहायता समूह सदस्य को 10,000 रुपये की प्रारंभिक पूंजी प्रदान करके 30.63 लाख से अधिक पात्र महिलाओं को सशक्त बनाया है। आज मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि 8.80 लाख ‘लखपति बाईदेव’ हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने का मुख्य आधार है।’’

अपने 33 पृष्ठ के बजट भाषण में उन्होंने कहा कि असम वर्ष 2028 तक 10 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है जबकि इसके लिए तय लक्ष्य 2030 है।

उन्होंने कहा, ‘‘ स्थिर कीमतों पर वित्त वर्ष 2019-20 से 2024-25 के बीच राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि इसी अवधि में राष्ट्रीय औसत वृद्धि 29 प्रतिशत रही।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्ष में असम की प्रति व्यक्ति आय दोगुने से भी अधिक होकर 2020-21 के 86,947 रुपये से बढ़कर 2025-26 में 1,85,429 रुपये हो गई है जो 113 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

भाषा निहारिका अजय

अजय