जयपुरः Committee For 8th Pay Commission केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग लागू करने की घोषणा की है। इससे देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की खुशी की लहर है। सरकार ने इस आयोग के लिए 2009 बैच के भारतीय रेलवे लेखा सेवा (IRAS) के अधिकारी कृष्णा वी आर को निदेशक नियुक्त किया है। इधर देश के अलग-अलग राज्यों में कार्यरत राजकीय कर्मचारियों की इसी उम्मीद में बैठे हैं कि राज्य सरकारें भी 8वां वेतन आयोग लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाएगी। इसी बीच अब राजस्थान के कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी मिली है। सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन करने का निर्णय लिया है।
Committee For 8th Pay Commission दरअसल, बीतें दिनों राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बजट पेश किया था। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने अपने बजट भाषण के दौरान गांव-गरीब और किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए थे। इसके अलावा उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को भी खुशखबरी दी थी। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने राज्य में आठवां वेतन आयोग लागू करने की घोषणा की थी। दीया कुमारी ने कहा, 8वें वेतन आयोग के लिए हाई पावर कमेटी बनाई जाएगी. सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सैलरी अकाउंट पैकेज लाया जाएगा। एडवांस डिजिटल बैंकिंग, लोन और बीमा जैसी सुविधाएं दी जाएंगी. 70 साल तक के पेंशनभोगी कर्मचारियों को भी लाभ पहुंचाया जाएगा।’
Committee For 8th Pay Commission राजस्थान सरकार ने किसानों और कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक योजनाओं की शुरुआत की है। हरियाणा से मो कर प्रदेश को पानी दिलाने के लिए यमुना जल योजना के तहत 32,000 करोड़ की परियोजना शीघ्र शुरू की जाएगी। राज्य में 3 लाख हेक्टेयर में सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, और टोंक जिले में फव्वारा पद्धति से सिंचाई पर 100 करोड़ खर्च होंगे। किसानों को आधुनिक उपकरण देने के लिए 160 करोड़ रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे 50,000 कृषकों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा बीज, दलहनी-तिलहनी फसलें, ग्रीन हाउस, नमो नर्सरी और नमो वन जैसी पहलें की जाएंगी। वर्षा जल संग्रहण और 19 करोड़ पौधों के रोपण से प्रदेश में स्थायी कृषि और हरित आवरण को बढ़ावा मिलेगा।
बच्चों और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जेके लॉन चिकित्सालय में 500 बेड क्षमता वाला IPD टावर 75 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत न्यूरोलॉजी विभाग की स्थापना की जाएगी और 200 बेड वाला पेडियाट्रिक IPD भी विकसित किया जाएगा, जिसमें न्यूनटल आईसीयू की सुविधा शामिल होगी। दस्तावेजों के अभाव में इलाज न मिलने वाले असहाय और विमंदित लोगों को मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना और निरोगी राजस्थान के तहत निशुल्क उपचार प्रदान किया जाएगा। इस पहल से बच्चों और गरीबों को आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।