नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी में जुटे डिजिटल ऋण मंच ‘फाइब’ की प्रबंधित परिसंपत्तियां (एयूएम) 31 मार्च, 2026 तक 63.31 प्रतिशत बढ़कर 8,603 करोड़ रुपये पर पहुंच गईं।
इसमें व्यक्तिगत ऋण और उद्देश्य आधारित वित्तपोषण कारोबार में वृद्धि का प्रमुख योगदान रहा।
कंपनी के प्रारंभिक दस्तावेजों (डीआरएचपी) के अनुसार, कुल प्रबंधित परिसंपत्तियों में व्यक्तिगत ऋण की हिस्सेदारी 6,657 करोड़ रुपये यानी 77 प्रतिशत रही, जबकि उद्देश्य आधारित वित्तपोषण का आकार 1,946 करोड़ रुपये रहा।
फाइब का उद्देश्य आधारित वित्तपोषण कारोबार शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बीमा, यात्रा, ई-कॉमर्स और छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र (रूफटॉप सोलर) जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है।
दस्तावेजों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में कंपनी के कारोबार में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। उसकी प्रबंधित परिसंपत्तियां बढ़कर मार्च, 2025 में 5,268 करोड़ रुपये हुईं जो मार्च, 2024 में 4,064 करोड़ रुपये थी और मार्च, 2026 तक 8,603 करोड़ रुपये पर पहुंच गईं।
फाइब की मूल कंपनी सोशल वर्थ टेक्नोलॉजीज ने आईपीओ के जरिए धन जुटाने के लिए जून में पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए थे।
प्रस्तावित आईपीओ में 750 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, मौजूदा शेयरधारक चार करोड़ से अधिक इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) करेंगे।
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