नयी दिल्ली, 29 मार्च (भाषा) पिछले साल दिसंबर में इंडिगो में हुए बड़े परिचालन व्यवधानों को देखते हुए नागर विमानन अधिकारियों ने उड़ानों की संख्या को मंजूरी देने में सतर्क रुख अपनाया है, जिसके कारण इस बार ग्रीष्मकालीन मौसम में एयरलाइंस कम उड़ानें संचालित करेंगी।
एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि नागर विमानन मंत्रालय और नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) नहीं चाहते कि पिछले साल दिसंबर में इंडिगो जैसी स्थिति दोबारा पैदा हो।
सूत्र ने बताया कि एयरलाइन कंपनियों का ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम विमानों, पायलटों और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता को ध्यान में रखकर मंजूर की गई है।
घरेलू ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम में एयरलाइंस पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले कम से कम 10 प्रतिशत कम उड़ानें चलाने वाली हैं।
डीजीसीए ने 29 मार्च से 24 अक्टूबर तक के लिए नौ अनुसूचित एयरलाइन कंपनियों का घरेलू ग्रीष्मकालीन उड़ान कार्यक्रम जारी किया है।
पिछले साल (2025) के ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम में हर सप्ताह 25,610 उड़ानें थीं। इस बार 10 प्रतिशत कमी के कारण करीब 2,561 उड़ानें घटेंगी और कुल साप्ताहिक उड़ानों की संख्या लगभग 23,049 रह जाएगी।
सूत्र के अनुसार, अधिकारियों ने इस बार घरेलू ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम को मंजूरी देने में थोड़ा सतर्क रुख अपनाया है।
उन्होंने कहा कि जब एयरलाइंस के पास और विमान और पर्याप्त पायलट उपलब्ध होंगे, तब उड़ानों की संख्या बढ़ाने की मंजूरी दी जा सकती है।
दिसंबर, 2025 में इंडिगो में बड़े स्तर पर परिचालन बाधाएं आई थीं, जिसके कारण सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। इसके बाद डीजीसीए ने एयरलाइन के सर्दियों के कार्यक्रम में 10 प्रतिशत कटौती कर दी थी।
वर्तमान ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम में इंडिगो अप्रैल से रोजाना करीब 2,000 उड़ानों के साथ शुरुआत करने की योजना बना रही है।
भाषा
योगेश अजय
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