बलरामपुर चीनी का अपने जैव-प्लास्टिक संयंत्र से 2,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य

बलरामपुर चीनी का अपने जैव-प्लास्टिक संयंत्र से 2,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य

बलरामपुर चीनी का अपने जैव-प्लास्टिक संयंत्र से 2,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य
Modified Date: May 17, 2026 / 02:13 pm IST
Published Date: May 17, 2026 2:13 pm IST

नयी दिल्ली, 17 मई (भाषा) चीनी कंपनी बलरामपुर चीनी मिल्स को उत्तर प्रदेश में लगाए जा रहे अपने नए जैव-प्लास्टिक संयंत्र से सालाना करीब 2,000 करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद है। कंपनी की एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस संयंत्र के चालू वित्त वर्ष की तीसरी यानी अक्टूबर- दिसंबर तिमाही में शुरू होने की संभावना है।

कंपनी 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 80,000 टन सालाना क्षमता का पॉली लैक्टिक एसिड (पीएलए) संयंत्र स्थापित कर रही है। यह संयंत्र बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के उत्पादन पर केंद्रित होगा। बायोडिग्रेडेबल से आशय मिट्टी आदि में आसानी से सड़ने, गलने वाले सामान से है।

कंपनी की कार्यकारी निदेशक अवंतिका सरावगी ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा कि संयंत्र चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में संचालन शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि पूर्ण क्षमता पर यह संयंत्र करीब 2,000 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व उत्पन्न कर सकता है।

पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का कुल राजस्व लगभग 6,300 करोड़ रुपये रहा था। नए पीएलए संयंत्र का पूरा वित्तीय प्रभाव 2027-28 में दिखाई देगा।

सरावगी ने बताया कि परियोजना स्थल पर निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। कंपनी फिलहाल आयातित पीएलए के जरिये उत्पाद विकास और बाजार विश्लेषण भी कर रही है। उन्होंने कहा कि बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक की बढ़ती मांग को देखते हुए संयंत्र के शुरू होते ही पूरी क्षमता पर संचालन का भरोसा है।

फरवरी में कंपनी को लखनऊ छावनी बोर्ड से पहला संस्थागत ऑर्डर मिला था, जिसके तहत कंपनी को हरित बायोप्लास्टिक उत्पादों की आपूर्ति करनी है।

पीएलए बायोप्लास्टिक गन्ना, मक्का स्टार्च और अन्य पौधों आधारित कच्चे माल से तैयार किया जाता है।

सरावगी ने कहा कि कंपनी को उत्तर प्रदेश सरकार की 2024 की जैव प्लास्टिक औद्योगिक नीति के तहत प्रोत्साहन भी मिलेगा।

बलरामपुर चीनी मिल्स देश की प्रमुख चीनी कंपनियों में शामिल है। कंपनी के पास उत्तर प्रदेश में 10 चीनी मिलें हैं, जिनकी कुल गन्ना पेराई क्षमता 80,000 टन प्रतिदिन है। इसके अलावा कंपनी की डिस्टिलरी क्षमता 1,050 किलोलीटर प्रतिदिन है।

विस्तार योजना के तहत कंपनी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में 160 करोड़ रुपये की लागत से लैक्टोजिप्सम प्रसंस्करण लगाने की भी घोषणा की है।

कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 2025-26 में घटकर 378.46 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 436.92 करोड़ रुपये था। हालांकि, कंपनी की कुल आय बढ़कर 6,307.95 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 में 5,504.19 करोड़ रुपये थी।

भाषा अजय अजय योगेश

अजय


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