बैंकों के कर्ज वितरण में वृद्धि वित्त वर्ष 2025-26 में 15.9 प्रतिशत पर: वित्त मंत्रालय

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बैंकों के कर्ज वितरण में वृद्धि वित्त वर्ष 2025-26 में 15.9 प्रतिशत पर: वित्त मंत्रालय

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  • Publish Date - May 5, 2026 / 09:53 PM IST,
    Updated On - May 5, 2026 / 09:53 PM IST

नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) की ऋण वृद्धि वित्त वर्ष 2025-26 में 15.9 प्रतिशत रही। यह देश में मजबूत आर्थिक गतिविधियों और कर्ज मांग को दर्शाता है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मंत्रालय के अनुसार, मार्च 2026 में कुल बकाया ऋण 212.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 29.2 लाख करोड़ रुपये अधिक है।

मंत्रालय ने कहा कि कम ब्याज दर वाले वातावरण, पूंजीगत व्यय चक्र को सरकार के समय पर किए गए संरचनात्मक सुधारों से और निजी निवेश में वृद्धि के कारण घरेलू ऋण मांग को बल मिला है। इससे कॉरपोरेट और व्यक्तिगत उधारकर्ताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति भरोसा भी मजबूत हुआ है।

वित्त वर्ष 2025-26 में ऋण वृद्धि व्यापक स्तर पर रही, जिसमें सेवाक्षेत्र सबसे आगे रहा, इसके बाद व्यक्तिगत ऋण, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां तथा उद्योग क्षेत्र का स्थान रहा।

कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में ऋण वृद्धि बढ़कर 15.7 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष 10.4 प्रतिशत थी। यह ग्रामीण मांग और ऋण प्रवाह में सुधार को दर्शाता है।

औद्योगिक क्षेत्र में ऋण वृद्धि 15 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष 8.2 प्रतिशत थी। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को दिए गए ऋणों की मजबूत हिस्सेदारी रही।

सेवाक्षेत्र में ऋण वृद्धि 19 प्रतिशत रही, जो कुल ऋण का 28 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, व्यापार और वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्रों से मजबूत मांग प्रमुख कारण रही।

व्यक्तिगत ऋण क्षेत्र, जिसका कुल ऋण में 33 प्रतिशत हिस्सा है, में 16.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसमें आवास ऋण स्थिर रहा, जबकि वाहन ऋण और सोना आधारित ऋणों में अच्छी तेजी देखी गई।

मंत्रालय ने कहा कि वैश्विक स्तर पर वैश्विक आर्थिक विभाजन और वैश्विक दबाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है और यह लगातार दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है।

भाषा योगेश रमण

रमण