(अभिषेक सोनकर)
नयी दिल्ली, 29 मार्च (भाषा) बिहार सरकार अपनी बिजली पारेषण कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की तैयारी कर रही है। यह कदम राज्य की वृद्धि में जनता की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
बिहार के बिजली सचिव मनोज कुमार सिंह ने ‘पीटीआई वीडियो’ के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘हम अपनी पारेषण कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की योजना बना रहे हैं और मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति के लिए रुचि पत्र (ईओआई) जारी किया है।’’
बिहार राज्य बिजली पारेषण कंपनी लिमिटेड (बीएसपीटीसीएल) सूचीबद्ध होने वाली पहली सरकारी स्वामित्व वाली पारेषण कंपनी बनने जा रही है। इसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर सूचीबद्ध कराने का प्रस्ताव है।
सिंह ने कहा कि इस निर्गम का आकार मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति के बाद तय किया जाएगा। ‘‘एक बार जब वे शामिल हो जाएंगे, तो वे हमें आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) प्रक्रिया के माध्यम से मार्गदर्शन करेंगे और यह आकलन करेंगे कि बाजार से कितनी पूंजी जुटाई जा सकती है।’’
सिंह ने कहा कि सूचीबद्धता एक लाभकारी कारोबार के लिए उपयुक्त कदम है। ‘‘हमारी पारेषण कंपनी लगातार लाभकारी रही है।’’
आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग बिहार के पारेषण ढांचे को मजबूत करने के लिए किया जाएगा ताकि भविष्य की बिजली मांग को पूरा किया जा सके। बीएसपीटीसीएल ने नेटवर्क क्षमता बढ़ाने, राज्य के भीतर पारेषण गलियारे में सुधार करने और बढ़ती बिजली मांग को संभालने के लिए 16,194 करोड़ रुपये के महत्वाकांक्षी विस्तार योजना की रूपरेखा तैयार की है।
इस योजना में सबस्टेशन और हाई-वोल्टेज पारेषण लाइन का उन्नयन करना भी शामिल है ताकि नुकसान को कम किया जा सके, ग्रिड की विश्वसनीयता में सुधार हो और नई उत्पादन क्षमता, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत शामिल हैं, के एकीकरण को समर्थन मिल सके।
सिंह के अनुसार, बिहार ने पिछले साल लगभग 8,800 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग दर्ज की थी, जो इस वर्ष लगभग 9,500 मेगावाट तक बढ़ने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया 2030 तक अधिकतम बिजली की मांग 13,000 मेगावाट के आंकड़े को पार कर सकती है, जिसमें वाणिज्यिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की वृद्धि शामिल है।
सिंह ने भले ही बीएसपीटीसीएल की सूचीबद्धता के लिए समयसीमा का जिक्र नहीं किया, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि सरकार अपनी बिजली वितरण कंपनियों – उत्तर बिहार बिजली वितरण कंपनी लि. (एनबीपीडीसीएल) और दक्षिण बिहार बिजली वितरण कंपनी लि. (एसबीपीडीसीएल) को भी सूचीबद्ध करने पर भी विचार कर सकती है।
उन्होंने कहा कि हम पारेषण कंपनी के साथ शुरुआत करेंगे। एक बार राजस्व स्थिर होने के बाद हम अगले दो साल में डिस्कॉम की सूचीबद्धता के बारे में भी सोचेंगे।
वित्त वर्ष 2024-25 में बीएसपीटीसीएल की कुल आय 1,968 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 286 करोड़ रुपये रहा है। एनबीपीडीसीएल की कुल आय 17,448 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 1,339 करोड़ रुपये रहा है। वहीं एसबीपीडीसीएल की कुल आय 19,108 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 665 करोड़ रुपये रहा है।
भाषा अजय अजय
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