बोइंग के मैक्स विमानों में सॉफ्टवेयर समस्या, स्वचालित उड़ान मार्गदर्शन प्रणाली पर असर की आशंका
बोइंग के मैक्स विमानों में सॉफ्टवेयर समस्या, स्वचालित उड़ान मार्गदर्शन प्रणाली पर असर की आशंका
नयी दिल्ली/मुंबई, 27 सितंबर (भाषा) बोइंग ने अपने 737 मैक्स विमानों में सॉफ्टवेयर से जुड़ी एक समस्या की पहचान की है, जिससे विमान के उतरने की असफल कोशिश के बाद स्वचालित उड़ान मार्गदर्शन प्रणाली बंद हो सकती है। कंपनी इस समस्या को स्थायी रूप से दूर करने के लिए सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव करने पर काम कर रही है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
भारत में एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर के बेड़े में करीब 96 बोइंग 737 मैक्स विमान हैं। इनमें एयर इंडिया एक्सप्रेस के करीब 53 और अकासा एयर के 43 विमान शामिल हैं।
बोइंग के प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि कंपनी के इंजीनियर इस समस्या को स्थायी रूप से दूर करने के लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने पिछले महीने 737 विमानों का संचालन करने वाली सभी कंपनियों को इस समस्या की जानकारी दी थी और ऐसे मामलों से सुरक्षित तरीके से निपटने के लिए मौजूदा पायलट प्रक्रियाओं को दोहराया था।
सूत्रों के अनुसार, यदि विमान को उतरने में असफल होने के बाद दोबारा उतारने की कोशिश की जाती है और नया उड़ान मार्ग पहले से तय मार्ग से अलग होता है, तो स्वचालित उड़ान मार्गदर्शन प्रणाली बंद हो सकती है।
बोइंग ने एहतियाती कदम के तौर पर विमान संचालकों को उतरने की असफल कोशिश के बाद प्रणाली को रीसेट करने की सलाह दी है।
अकासा एयर ने कहा कि वह बोइंग के साथ लगातार संपर्क में है और इस समस्या का उसके परिचालन की सुरक्षा पर कोई असर नहीं है।
एयरलाइन ने कहा कि उसके विमान निर्धारित प्रक्रियाओं और लागू नियामकीय आवश्यकताओं के अनुसार सुरक्षित रूप से उड़ान भर रहे हैं।
हालांकि, एयरलाइन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उसके कितने 737 मैक्स विमान इस समस्या से प्रभावित हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की ओर से भी तत्काल यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वह मामले को देख रहा है या एयरलाइन कंपनियों के लिए कोई सलाह जारी की जा रही है।
दुनियाभर में बोइंग ने विभिन्न एयरलाइन कंपनियों को 2,400 से अधिक 737 मैक्स विमानों की आपूर्ति की है। भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय

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