नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में एकल आधार पर शुद्ध लाभ 62 प्रतिशत उछलकर 7,545.27 करोड़ रुपये रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण तेल शोधन मार्जिन (रिफाइनिंग मार्जिन) में हुए सुधार से कंपनी के मुनाफे में यह बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है।
एक बैरल कच्चे तेल को खरीदकर उसे पेट्रोल-डीजल जैसे उत्पादों में बदलने के बाद जो शुद्ध कमाई बचती है, उसे तेल शोधन मार्जिन कहते हैं।
कंपनी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 7,545.27 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में अर्जित 4,649.20 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी अधिक है।
बीपीसीएल का चालू वित्त वर्ष की अब तक की अवधि में सकल शोधन मार्जिन (जीआरएम) बढ़कर 9.68 डॉलर प्रति बैरल रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 5.95 डॉलर प्रति बैरल था। कंपनी ने हालांकि तीसरी तिमाही के लिए अलग से जीआरएम के आंकड़े नहीं दिए हैं।
कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘यह वृद्धि परिचालन उत्कृष्टता, विपणन दक्षता और मजबूत बिक्री गति पर कंपनी के रणनीतिक ध्यान को दर्शाती है।’
आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी का राजस्व सात प्रतिशत बढ़कर 1.36 लाख करोड़ रुपये हो गया।
बीपीसीएल ने 10 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश की घोषणा की है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल अंतरिम लाभांश 17.5 रुपये प्रति शेयर हो गया है।
31 दिसंबर को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए कंपनी का शुद्ध लाभ दोगुना होकर 20,111.73 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
परिचालन के मोर्चे पर, बीपीसीएल की रिफाइनरियों ने तीसरी तिमाही में 119 प्रतिशत क्षमता उपयोग के साथ 1.05 करोड़ टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया। वहीं, ईंधन की बिक्री भी करीब पांच प्रतिशत बढ़कर 1.41 करोड़ टन रही।
भाषा सुमित रमण
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