आयुष मंत्रालय के बजट आवंटन में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी
आयुष मंत्रालय के बजट आवंटन में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) आयुष मंत्रालय के बजट आवंटन में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो वित्त वर्ष 2025-26 के 3,671.82 करोड़ रुपये (संशोधित अनुमान) से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 में 4,408.93 करोड़ रुपये हो गया है।
सरकार ने इस क्षेत्र में शोध कार्यो को मजबूत करने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना की भी घोषणा की है।
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘‘प्राचीन भारतीय योग, जिसे दुनिया के कई हिस्सों में पहले से ही सम्मान मिलता है, को तब बड़े पैमाने पर वैश्विक पहचान मिली जब प्रधानमंत्री इसे संयुक्त राष्ट्र में ले गए।’’
यह कहते हुए कि कोविड के बाद आयुर्वेद को भी इसी तरह की वैश्विक स्वीकृति और पहचान मिली है, सीतारमण ने कहा कि गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्यात उन किसानों की मदद कर सकता है जो जड़ी-बूटियां उगाते हैं और उन युवाओं की जो उनका प्रसंस्करण करते हैं।
वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए, उन्होंने तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना, प्रमाणन पारिस्थितिकी तंत्र के उच्च मानकों के लिए आयुष फार्मेसियों और दवा-परीक्षण प्रयोगशालाओं को उन्नत बनाने, अधिक कुशल कर्मियों को उपलब्ध कराने और पारंपरिक चिकित्सा पर साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए जामनगर में डब्ल्यूएचओ वैश्विक पारंपरिक औषधि केन्द्र को उन्नत करने का प्रस्ताव दिया।
केंद्र प्रायोजित योजनाओं में, राष्ट्रीय आयुष मिशन के लिए आवंटन वित्त वर्ष 2025-26 के 780.96 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2026-27 में 1,300 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 66.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के लिए आवंटन में 12 प्रतिशत की कमी की गई है।
आयुर्वेद में शिक्षण और अनुसंधान संस्थान के लिए वित्तपोषण भी 279.24 करोड़ रुपये से घटाकर 219.05 करोड़ रुपये कर दी गया है।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

Facebook


