नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के चेयरमैन मीनेश शाह ने कहा है कि कृषि और उससे संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े बजट प्रस्ताव किसानों की आय बढ़ाएंगे और देश में सहकारी आंदोलन को मज़बूत करेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश बजट 2026-27 में पशुधन, मत्स्य पालन और उच्च-मूल्य वाले कृषि क्षेत्रों के लिए एक व्यापक पैकेज की घोषणा की। अगले वित्त वर्ष के लिए कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए कुल आवंटन 1,62,671 करोड़ रुपये है, जो वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1,51,853 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से सात प्रतिशत अधिक है।
शाह ने एक बयान में बजट को ‘वास्तव में परिवर्तनकारी’ बताते हुए कहा कि यह बजट किसानों की आय बढ़ाएगा, पशुपालन और डेयरी में उद्यमिता को बढ़ावा देगा और सहकारी समितियों को मज़बूत करेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में पशुपालन क्षेत्र को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है, जिसमें 6,153.46 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जो पिछले साल से 16 प्रतिशत अधिक है।
शाह ने कहा, ‘‘पहले से लागू प्रावधान के तहत प्राथमिक सहकारी समितियों को उनके सदस्यों द्वारा उत्पादित दूध, तिलहन, फल और सब्ज़ियों की बिक्री पर हुए मुनाफे और लाभ पर पूर्ण कर छूट मिलती थी। अब इस छूट का लाभ पशु-चारे की बिक्री तक बढ़ा दिया गया है।’’
उन्होंने कहा कि सालाना लगभग 102 लाख टन पशु आहार बेचने वाली प्राथमिक सहकारी समितियों के लिए यह कदम कर बोझ को काफी कम करेगा, जिससे किसान सदस्यों को बेहतर लाभ मिलेगा।
शाह ने कहा, ‘‘भारत की डेयरी सहकारी समितियां पहले से ही उपभोक्ता रुपये का 75 प्रतिशत से अधिक उत्पादकों को वापस करती हैं, और यह पहल भुगतान को और बढ़ाएगी, जिससे किसानों के हाथों में सीधे अधिक पैसा आएगा।’’
एनडीडीबी चेयरमैन ने कहा कि बजट कृषि, डेयरी और संबद्ध क्षेत्रों को गति देगा, पूंजी दक्षता में सुधार करेगा, सहकारी समितियों में कर विसंगतियों को कम करेगा और इस तरह किसानों की आय और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगा।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
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