विज्ञान पर आधारित संचार के ज़रिये प्रसंस्कृत खाद्य से जुड़े मिथक से लड़ने की ज़रूरत: पासवान

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विज्ञान पर आधारित संचार के ज़रिये प्रसंस्कृत खाद्य से जुड़े मिथक से लड़ने की ज़रूरत: पासवान

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  • Publish Date - February 2, 2026 / 09:20 PM IST,
    Updated On - February 2, 2026 / 09:20 PM IST

नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को विज्ञान पर आधारित संचार के माध्यम से प्रसंस्कृत खाद्य सामग्रियों से जुड़े मिथकों और गलत जानकारियों का मुकाबला करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

एक सरकारी बयान के अनुसार, पासवान ने प्रसंस्कृत खाद्य से संबंधित भ्रामक प्रचार का मुकाबला करने के लिए गठित एक समिति की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में समिति के सदस्यों, वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत की अग्रणी हस्तियों और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक को संबोधित करते हुए पासवान ने कहा कि खाद्य सुरक्षा, पोषण, बर्बादी को कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण महत्वपूर्ण है।

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ‘प्रसंस्कृत खाद्य’ के बारे में फैले मिथक और गलत जानकारियों को विज्ञान पर आधारित संचार-संपर्क, पारदर्शिता और ज़िम्मेदार जुड़ाव के ज़रिये सक्रिय रूप से हल किया जाना चाहिए।’’

उन्होंने एक संतुलित सार्वजनिक राय बनाने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर, डिजिटल मंच और अन्य जनसंचार माध्यमों का उपयोग करने पर ज़ोर दिया, साथ ही सभी अंशधारकों की सामूहिक ज़िम्मेदारी पर भी ज़ोर दिया।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि खाद्य प्रसंस्करण पर सही और विश्वसनीय जानकारी हर नागरिक तक पहुंचे।

खाद्य प्रसंस्करण सचिव अविनाश जोशी ने पिछली बैठक के बाद से उठाए गए कदमों की रूपरेखा बताई, जिसमें अंशधारकों के साथ परामर्श, विशेषज्ञ समीक्षा और स्वीकृत अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू) का देशव्यापी प्रचार शामिल है।

उन्होंने सूचित सार्वजनिक चर्चा को मज़बूत करने के लिए समन्वित अंशधारक प्रयासों की ज़रूरत को दोहराया।

बैठक में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान जैसे प्रमुख नियामक और तकनीकी संस्थानों के प्रमुखों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

एफएसएसएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रंजीत पुन्हानी भी बैठक में मौजूद थे।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय