नयी दिल्ली, एक मार्च (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी (आईआईएफसीएल) को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के लिए सरकार से जरूरी मंजूरी मिल गई है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने आईपीओ प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
आईआईएफसीएल के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक (एमडी) रोहित ऋषि ने पीटीआई-भाषा को बताया कि निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने इस मंजूरी के बारे में कंपनी को बताया है।
उन्होंने कहा, ‘‘आईआईएफसीएल निर्गम के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए सरकार को आवश्यक विवरण जमा करने की प्रक्रिया में है। निर्गम अगले वित्त वर्ष में आ सकता है।’’
आम बजट 2026-27 में विनिवेश और संपत्ति के मौद्रीकरण पर जोर दिया गया है। प्रस्तावित आईपीओ सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के लिए सरकार की व्यापक विनिवेश और पूंजी बाजार सूचीबद्धता रणनीति का हिस्सा है। इस समय आईआईएफसीएल में केंद्र सरकार की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
ऋषि ने कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ की यात्रा में बुनियादी ढांचा विकास की एक महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने आगे कहा, ‘‘हम नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल बुनियादी ढांचे, ईवी पारिस्थितिकी तंत्र और हरित हाइड्रोजन जैसे उभरते क्षेत्रों में पोर्टफोलियो विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित करेंगे।’’
भाषा पाण्डेय अजय
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