फल पकाने में कार्बाइड के उपयोग पर अंकुश लगाने को मंडियों का निरीक्षण तेज करने का निर्देश

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फल पकाने में कार्बाइड के उपयोग पर अंकुश लगाने को मंडियों का निरीक्षण तेज करने का निर्देश

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  • Publish Date - April 16, 2026 / 10:24 PM IST,
    Updated On - April 16, 2026 / 10:24 PM IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने बृहस्पतिवार को फलों को कृत्रिम रूप से पकाने वाले कैल्शियम कार्बाइड जैसे प्रतिबंधित पदार्थों के उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए राज्य खाद्य आयुक्तों को फल मंडियों और गोदामों में निरीक्षण तेज करने का निर्देश दिया।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने एक पत्र में राज्यों के खाद्य आयुक्तों से ताजे फलों की बिक्री पर अनधिकृत या प्रतिबंधित फलों को पकाने वाले पदार्थों के उपयोग की निगरानी करने को कहा है।

प्राधिकरण ने बताया कि आम, केले और पपीते आदि फलों में कृत्रिम रूप से पकाने वाले पदार्थ के रूप में कैल्शियम कार्बाइड (मसाला) का उपयोग उसके नियमों के तहत प्रतिबंधित है।

एफएसएसएआई ने कहा कि कैल्शियम कार्बाइड निगलने में कठिनाई, उल्टी और त्वचा के अल्सर जैसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है।

इसके अलावा, प्राधिकरण ने कहा कि उसे पता चला है कि कुछ खाद्य कारोबारी (एफबीओ) केले और अन्य फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए एथेफोन घोल का उपयोग कर रहे हैं।

प्राधिकरण ने निर्देश दिया, ‘‘राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सभी खाद्य सुरक्षा आयुक्तों और एफएसएसएआई के क्षेत्रीय निदेशकों को सलाह दी जाती है कि वे फलों के बाजारों/मंडियों, भंडारण सुविधाओं, थोक विक्रेताओं और वितरकों पर निरीक्षण तेज करें और कड़ी निगरानी रखें। विशेष रूप से उन स्थानों पर जहां मौसमी फल संग्रहीत किए जाते हैं और फलों को पकाने में कैल्शियम कार्बाइड जैसे पदार्थों के उपयोग का संदेह है।’’

नियामक ने राज्यों से कैल्शियम कार्बाइड या अन्य अनधिकृत पकाने वाले पदार्थों, मोम और कृत्रिम रंगों के अवैध उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने को भी कहा है।

एफएसएसएआई ने कहा, ‘‘परिसर में या फलों के बक्सों के पास कैल्शियम कार्बाइड रखने को खाद्य कारोबारी के खिलाफ अभियोजन शुरू करने के लिए परिस्थितिजन्य साक्ष्य के रूप में माना जा सकता है…।’’

भाषा रमण अजय

अजय