नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) मंत्रिमंडल जर्मनी के साथ महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में सहयोग के लिए संयुक्त आशय घोषणा को मंगलवार को मंजूरी दे सकता है। साथ ही कनाडा के साथ इसी तरह के समझौते को भी स्वीकृति देने की संभावना है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिमंडल बैठक में लिए जाने वाले इन फैसलों का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा बदलाव और उन्नत प्रौद्योगिकियों के लिए आवश्यक संसाधनों को सुरक्षित करने की वैश्विक होड़ के बीच भारत की रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करना है।
सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जर्मनी के साथ समझौता संयुक्त अन्वेषण, सतत खनन, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर केंद्रित होगा।
यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब भारत ऊर्जा सुरक्षा में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से लिथियम, कोबाल्ट, निकल और दुर्लभ खनिज जैसे महत्वपूर्ण खनिजों को सुरक्षित करने के प्रयास तेज कर रहा है।
मंत्रिमंडल भारत और कनाडा के बीच महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में सहयोग के लिए संयुक्त आशय घोषणा (जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट) पर हस्ताक्षर को भी मंजूरी दे सकता है।
ये कदम सरकार के पिछले वर्ष शुरू किए गए महत्वपूर्ण खनिज मिशन और खान एवं खनिज (विकास व विनियमन) संशोधन अधिनियम के तहत खनिज ब्लॉक की हालिया नीलामी के अनुरूप हैं।
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