जगदलपुरः Sachin Tendulkar Bastar Visit: क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर इन दिनों छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर हैं। बुधवार को सचिन तेंदुलकर अपनी बेटी सारा और सानिया के साथ विशेष चार्टर्ड फ्लाइट से बस्तर पहुंचे। जगदलपुर एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। यहां कई खेल प्रेमी उनसे मिलने और उन्हें देखने की चाहत में एयरपोर्ट पहुंचे। वही सचिन ने कई लोगों को इस दौरान ऑटोग्राफ का मौका भी मिल गया। यहां के वे दंतेवाड़ा के छिंदनार के लिए रवाना हुए।
Sachin Tendulkar Bastar Visit: बता दें कि सचिन की फाउंडेशन की ओर से तेवाड़ा जिले में 50 खेल मैदान विकसित कर रही है। सबसे पहले छिंदनार में एक मॉडल खेल मैदान विकसित किया गया है। सचिन ने यहां खिलाड़ियों से मुलाकात की उन्होंने अलग-अलग खेलों में खिलाड़ियों के साथ हिस्सा लेकर उनका उत्साहवर्धन किया। सचिन अपनी बेटी सारा और बहू सानिया के साथ रस्साकशी में हाथ अजमाते दिखे तो कभी वॉलीबॉल खेलते थे। पहली बार बस्तर के मैदान सचिन को इस तरह के खेल खेलते देखकर उत्साहित नजर आए। यह उनके लिए किसी सपने के पूरा होने जैसा है। सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन लंबे समय से छिंदनार क्षेत्र में ग्रामीण खेलों और बच्चों के प्रशिक्षण के लिए सक्रिय रहा है। जब यह इलाका नक्सलवाद से बुरी तरह प्रभावित था, तब भी उनकी संस्था ने यहां काम शुरू किया था। अब क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की स्थिति सुधरने के बाद सचिन स्वयं बच्चों का उत्साहवर्धन करने पहुंचें। बस्तर पहुंचने पर सचिन ने कहा कि वे बस्तर आकर काफी खुश है। आने वाले समय में खिलाड़ियों के लिए और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
बता दें कि बस्तर ओलंपिक के साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर को खेल हब बनाने का दावा किया है। ऐसे समय में सचिन तेंदुलकर की ओर से दंतेवाड़ा में खेल सुविधाओं के विकास और प्रशिक्षण की दी जा रही सुविधा स्थानीय आदिवासी छात्रों के लिए काफी उपयोगी साबित होंगी और भविष्य में बस्तर से राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने तैयार हो सकेंगे। सचिन तेंदुलकर और उनके परिवार के दौरे को ध्यान में रखते हुए कड़े सुरक्षा इंतजाम बस्तर में किए गए हैं। बता दें कि सचिन तेंदुलकर के फाउंडेशन ने बस्तर में खेल मैदान को विकसित करने के साथ ही विशेषज्ञ कोच भी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। यह कोच बस्तर के खिलाड़ियों को खेल में प्रशिक्षित करेंगे। हर मैदान में 16 तरह के खेलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।