मुंबई, 12 फरवरी (भाषा) केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि सीबीआईसी एक मार्च तक प्रस्तावित पात्र विनिर्माता-आयातक योजना शुरू करेगा। संबंधित पक्षों से परामर्श के लिए पांच से छह दिन में इसका मसौदा जारी किया जाएगा।
चतुर्वेदी ने मुंबई में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यह योजना शुरू में दो साल के लिए लागू की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जो विनिर्माता वर्तमान में अधिकृत आर्थिक संचालक (एईओ) नहीं हैं, उन्हें इस योजना के तहत दो साल की अवधि के लिए लाभ मिलेगा। इस दौरान उन्हें एईओ प्रमाणन प्राप्त करने के लिए निर्धारित मानदंडों का पालन करना होगा।
सरकार वर्तमान में एक आंतरिक समिति के माध्यम से पात्रता मानदंडों को अंतिम रूप देने पर काम कर रही है और योजना की विस्तृत रूपरेखा जल्द ही जनता की प्रतिक्रिया के लिए साझा की जाएगी।
चतुर्वेदी ने कहा कि ईएमआई योजना विश्वास-आधारित प्रशासन और प्रौद्योगिकी-संचालित सीमा शुल्क प्रक्रियाओं की दिशा में किए जा रहे व्यापक प्रयासों के अनुरूप है।
जोखिम मूल्यांकन और कार्गो स्क्रीनिंग में कृत्रिम मेधा और मशीन लर्निंग के बढ़ते उपयोग को देखते हुए, नई प्रणाली का उद्देश्य भौतिक निरीक्षण और मानवीय हस्तक्षेप को कम करना है, जिससे त्वरित और डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
भाषा रमण अजय
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