नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) संसद की एक समिति ने कहा है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) को उन क्षेत्रों की सक्रिय निगरानी तेज करनी चाहिए, जहां दो कंपनियों का दबदबा है या बाजार में बहुत अधिक संकेंद्रण है।
वित्त मामलों की संसद की स्थायी समिति ने नियमित बाजार अध्ययन, जोखिम मूल्यांकन और लक्षित हस्तक्षेप के जरिये ऐसे क्षेत्रों पर लगाम लगाने को कहा है, क्योंकि वे बाजार में असंगत शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं।
सीसीआई के पास प्रतिस्पर्धा-रोधी व्यवहार को रोकने और सभी क्षेत्रों में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का अधिकार है। इसके अलावा, समिति ने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय से डिजिटल प्रतिस्पर्धा विधेयक को जल्द पेश करने का आग्रह किया है, ताकि बड़े डिजिटल मंचों के प्रभावी नियमन के लिए एक समयबद्ध रूपरेखा सुनिश्चित की जा सके।
इस सप्ताह लोकसभा में पेश की गई एक रिपोर्ट में समिति ने कहा कि डिजिटल बाजारों में प्रभावी कंपनियों को निशाना बनाने वाली सीसीआई की प्रवर्तन कार्रवाइयों और बाजार अध्ययनों के बावजूद, ”भारतीय अर्थव्यवस्था के कई पारंपरिक क्षेत्र भी दोहरे एकाधिकार या अत्यधिक संकेंद्रित बाजार संरचना का प्रदर्शन करते हैं।”
रिपोर्ट कहती है कि ऐसी संरचनाओं के चलते बाजार में असंगत शक्ति पैदा हो रही है, जो उपभोक्ता कल्याण, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और नियामकीय अनुपालन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। विशेषज्ञों ने देश के एयरलाइन उद्योग सहित कुछ क्षेत्रों में स्पष्ट दोहरे एकाधिकार की प्रवृत्तियों पर चिंता जताई है।
भाषा पाण्डेय अजय
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