Reported By: Suman Pandey
,रायपुर : रायपुर : प्रदेश में लगातार धर्मांतरण के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन पहली बार ऐसे मामले में रायपुर की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश में एक महिला ने एक युवती के साथ ऐसा व्यवहार किया कि उसकी मौत हो गई। ईश्वरी साहू ग्रामीणों को अपनी धार्मिक मान्यताओं को बदलने के लिए मजबूर करती थी और चमत्कारिक तरीके से इलाज करने का दावा भी करती थी। इसी के चलते 18 साल की योग्यता सोनवानी की मौत हो गई। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए आरोपी ईश्वरी साहू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला साल 2025 का है। यहां आरोपी ईश्वरी लोगों को डरा-धमकाकर उनका धर्म बदलने की कोशिश करती थी। उन्हें शैतान का खौफ दिखाकर यह कहती थी कि प्रभु यीशु में विश्वास करो। इसी गलत तरीके से इसने 18 साल की योग्यता का इलाज किया, जिससे उसकी जान चली गई।
हैरान करने वाला तथ्य यह भी है कि ईश्वरी साहू जैसे लोग एक ग्रुप बनाकर गांव के लोगों का ब्रेनवॉश करने का प्रयास करते थे। उनके दावे ऐसे होते थे कि अच्छे-अच्छों की अक्ल पर पर्दा पड़ जाता था और सब इनके बताए रास्ते पर चल पड़ते थे। यही गलती योग्यता ने भी की, जिसे अपनी जान गंवानी पड़ी।
रायपुर के न्यायाधीश पंकज सिंह की अदालत ने इस महिला को सजा देते हुए सख्त निर्देश दिए कि लोगों को डरा-धमकाकर उनके धर्म को बदलना सजा के योग्य कृत्य है। दूसरी तरफ हाल ही में ED ने यह भी खुलासा किया कि प्रदेश में लोगों का धर्म बदलने का ऐसा मिशन चल पड़ा है, जिसमें विदेशी फंडिंग का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रदेश को अशांत करने और लोगों की जिंदगियों से खिलवाड़ करने वाली ऐसी मुहिम कब रुकेगी, यह सवाल बरकरार है।