Petrol Diesel Price Today 02 May 2026: पेट्रोल की कीमत में 7 और डीजल 19.39 रुपए इजाफा, अब एक लीटर के लिए देने होंगे इतने रुपए, जनता पूछ रही- कब आएंगे अच्छे दिन / Image: IBC24 customized
बिजनेस: Petrol Diesel Price Today 02 May 2026: खाड़ी देशों में बनी युद्ध की स्थिति सुधरने का नाम ही नहीं ले रही है। हालांकि अमेरिका-ईरान और इजराइल के बीच कई बैठकें हो चुकी है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार युद्ध विराम की घोषणा भी कर दी है। बावजूद इसके तनाव खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। युद्ध के चलते पुरी दुनिया प्रभावित हो रही है, ईरान ने कच्चे तेल की सप्लाई लगभग रोक दी है। दुनिया के कई देशों में तो पेट्रोल-डीजल और एलपीजी गैस का संकट खड़ा हो गया है और कीमतें तेजी से बढ़ रही है। कीमतों की बात करें तो पाकिस्तान सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के रेट में बढ़ोतरी की है।
Petrol Diesel Price Today 02 May 2026: मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने पेट्रोल के रेट में 6.51 और डीजल की कीमत में 19.39 रुपए की बढ़ोतरी की है। हालांकि सरकार ने आम जनता की नारागजी ना झेलनी पड़े इसलिए टैक्स में कमी करने का भी ऐलान किया है। वहीं, दूसरी ओर बाजार के जानकारों का ये भी कहना है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो आगामी दिनों में पेट्रोल-डीजल के रेट 500 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच जाएंगे।
कीमतों में इजाफा के बाद अब एक्स-डिपो कीमत 380.19 पीकेआर से बढ़कर 399.58 पीकेआर प्रति लीटर तय की गई, जो 19.39 रुपए या लगभग पांच फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है। इसी तरह, पेट्रोल की एक्स-डिपो कीमत 393.35 रुपए से बढ़कर 399.86 रुपए प्रति लीटर तय की गई, जो 6.51 रुपए या 1.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाती है।
हालांकि एक्स-डिपो कीमतें 400 रुपए प्रति लीटर से थोड़ी कम हैं, लेकिन पेट्रोल पंपों पर असल रिटेल कीमतें, डीलर मार्जिन और दूसरे चार्ज मिलाकर, असल में 400 के आंकड़े को पार कर गई हैं। जानकार सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्ष प्राइमरी बैलेंस टारगेट को पक्का रखने और इसे हर कीमत पर हासिल करने पर सहमत हुए, भले ही पब्लिक सेक्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम (पीएसडीपी) में और कटौती की जरूरत पड़े।
पेट्रोलियम लेवी हटाने के बाद डीजल पहले 10 अप्रैल को 520.35 रुपए के पीक से गिरा था, लेकिन तब से फिर से बढ़ रहा है। इसके अलावा, शहबाज शरीफ सरकार ने मोटरसाइकिल चालकों के साथ-साथ पब्लिक और गुड्स ट्रांसपोर्टर्स के लिए फ्यूल सब्सिडी एक महीने के लिए बढ़ाने का फैसला किया। एचएसडी को मुख्य रूप से माल ढुलाई में इस्तेमाल की वजह से बहुत ज्यादा महंगाई बढ़ाने वाला माना जाता है। पेट्रोल और एचएसडी कमाई के बड़े सोर्स बने हुए हैं, जिनकी महीने की कुल बिक्री 700,000 से 800,000 टन है, जबकि केरोसिन की मांग लगभग 10,000 टन है।