केंद्र सरकार ने परमाणु संयंत्रों के लिए आवश्यक वस्तुओं के आयात पर छूट को 2035 तक बढ़ाया
केंद्र सरकार ने परमाणु संयंत्रों के लिए आवश्यक वस्तुओं के आयात पर छूट को 2035 तक बढ़ाया
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए आवश्यक वस्तुओं के आयात पर मूल सीमा शुल्क की छूट को 2035 तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।
भारत का लक्ष्य 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट तक बढ़ाना है।
संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने ‘‘भारत के रूपांतरण के लिए परमाणु ऊर्जा के सतत दोहन और विकास (शांति)’ कानून पारित किया, जिसने कड़ाई से नियंत्रित असैन्य परमाणु क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी का रास्ता खोल दिया।’’
सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘मैं परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवश्यक वस्तुओं के आयात पर मौजूदा मूल सीमा शुल्क छूट को वर्ष 2035 तक बढ़ाने और इसे सभी परमाणु संयंत्रों के लिए उनकी क्षमता की परवाह किए बिना, विस्तारित करने का प्रस्ताव करती हूं।’’
सीतारमण ने खनिज संपदा से भरपूर राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित दुर्लभ खनिज गलियारे स्थापित करने में सहायता देने का भी प्रस्ताव रखा।
वित्त मंत्रालय ने परमाणु ऊर्जा विभाग के लिए 24,123.92 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें से 9,966.41 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं।
भाषा योगेश अजय
अजय

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